Bhagalpur JLNMC Hospital: पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (भागलपुर) में इलाज के नाम पर घोर लापरवाही सामने आई है। एक गंभीर मरीज को बिना किसी उचित जांच या रिपोर्ट के सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जिससे मरीज के परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उसकी जान पर खतरा मंडराने लगा है।
मामला यह है कि एक गंभीर मरीज को इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच लाया गया था। अस्पताल में मरीज का रजिस्ट्रेशन तो कर लिया गया, लेकिन डॉक्टर ने उसका इलाज करने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन खराब होने का बहाना बनाया गया।






बिना जांच लिखे मरीज को किया रेफर, परिजनों ने झेली परेशानी
जेएलएनएमसीएच के डॉक्टरों ने मरीज को सदर अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन पर्चे पर न तो सीटी स्कैन जांच लिखी और न ही किसी अन्य जरूरी जांच का जिक्र किया। इस स्थिति में, जब परिजन मरीज को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें भारी परेशानी हुई। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि मरीज की कौन सी जांच कराई जाए, क्योंकि जेएलएनएमसीएच से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं था। परिजनों ने इस पूरी घटना पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।
सदर अस्पताल प्रभारी ने उठाए सवाल, पहले भी मिली शिकायतें
इस गंभीर लापरवाही पर सदर अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर राजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा,
अगर जेएलएनएमसीएच में सीटी स्कैन मशीन खराब है, तो डॉक्टर को पर्ची पर जांच लिखनी चाहिए थी। मरीजों को इस तरह बिना किसी स्पष्ट निर्देश के रेफर करना बिल्कुल सही नहीं है।
डॉक्टर राजू ने यह भी बताया कि इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि जेएलएनएमसीएच के सुपरिटेंडेंट को इन लापरवाहियों के बारे में सूचित किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
लापरवाही से मरीजों की जान को खतरा: डॉक्टर राजू
सदर अस्पताल प्रभारी ने चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही मरीजों की जान को खतरे में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर तुरंत ध्यान देने और कार्रवाई करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और मरीजों को उचित उपचार मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है।








