Bihar Recruitment Exam: खगड़िया जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़े सॉल्वर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक केंद्राधीक्षक, एक शिक्षक, कई परीक्षार्थियों और सॉल्वर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों सहित कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी परीक्षा में पास कराने के नाम पर लाखों रुपये की अवैध वसूली के आरोपों के बाद की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों का नेटवर्क खगड़िया तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यह कई अन्य जिलों तक फैला हुआ था। गिरोह अभ्यर्थियों से ब्लैंक चेक और उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्र गिरवी रखकर सौदा करता था।






लाखों की डील और ब्लैंक चेक का खेल
खगड़िया पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि सिपाही भर्ती परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए अभ्यर्थियों से पांच से छह लाख रुपये तक की डील तय की जाती थी। आरोप है कि यह गिरोह पहले उम्मीदवारों का विश्वास जीतता था और फिर भुगतान की गारंटी के तौर पर उनसे कोरे चेक और मूल शैक्षणिक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेता था। इसके बाद उन्हें परीक्षा में पास कराने का आश्वासन दिया जाता था।
खगड़िया के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने जिले के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा सका। पुलिस का दावा है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से परीक्षा में होने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े को रोकने में सफलता मिली है।
पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप ने बताया, “गुप्त सूचना पर गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। समय रहते कार्रवाई से बड़े फर्जीवाड़े को रोका जा सका।”
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से सात ब्लैंक चेक, नौ मोबाइल फोन, आठ एडमिट कार्ड और बड़ी संख्या में शैक्षणिक प्रमाणपत्रों सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त की गई इन सभी सामग्रियों की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किस प्रकार किया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
कई जिलों तक फैला था गिरोह का जाल
प्रारंभिक जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी केवल खगड़िया के निवासी नहीं हैं। इनमें भोजपुर, पटना, वैशाली, नवादा और अरवल जिले के लोग भी शामिल हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई जिलों में सक्रिय था और ये लोग काफी समय से भर्ती परीक्षाओं को प्रभावित करने की तैयारी कर रहे थे।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क के सरगना और अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की गतिविधियों को अंजाम देकर किसी अन्य भर्ती परीक्षा में धांधली की थी। बरामद किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।
इस मामले में खगड़िया थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।








