Bihar Kendriya Vidyalaya: बिहार के दरभंगा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बहुप्रतीक्षित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक संख्या-3 का सोमवार को धूमधाम से उद्घाटन किया गया। हनुमाननगर के +2 राजकीय उच्च विद्यालय कोलहंटा पटोरी परिसर में हुए इस भव्य समारोह में भारी बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह चरम पर रहा।
सांसद गोपालजी ठाकुर, क्षेत्रीय विधायक सह मंत्री मदन सहनी, विधान पार्षद सर्वेश कुमार और हरि सहनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मिथिला की पारंपरिक पाग-चादर भेंट कर सभी अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय के प्राचार्य ऋषिरमण की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मिथिला में विकास के द्वार खुले: मंत्री मदन सहनी
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री मदन सहनी ने बारिश के बीच भी लोगों के उत्साह को शुभ संकेत बताया। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय के लिए भूखंड की व्यवस्था करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। मंत्री सहनी ने कहा,






‘बिना किसी भेदभाव के पटोरी में डिग्री कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आज मिथिला पर पूरी तरह मेहरबान है और अनगिनत योजनाओं की स्वीकृति देकर यहां विकास का द्वार खोल दिया है।’
मंत्री ने इस पहल को क्षेत्र के शैक्षिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पुरानी सरकारों पर साधा निशाना, रेल लाइन का दिया उदाहरण
मुख्य अतिथि के तौर पर सांसद गोपालजी ठाकुर ने मिथिला को अनादि काल से ज्ञान और विज्ञान का केंद्र बताया। उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल घोषणाएं और शिलान्यास होते थे, लेकिन काम पूरा नहीं होता था। सांसद ने 2008 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद द्वारा दरभंगा-मुजफ्फरपुर रेल लाइन के शिलान्यास का जिक्र किया, जिसका काम कभी शुरू ही नहीं हुआ।गोपालजी ठाकुर ने मौजूदा केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर जोर देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार अब ₹1200 करोड़ की लागत से लहेरिया सराय से मुजफ्फरपुर तक नई रेल लाइन का निर्माण करने जा रही है। यह परियोजना क्षेत्र के लिए परिवहन और आर्थिक विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
बिहार में बढ़े केंद्रीय विद्यालय, मैथिली को भी मिला स्थान
सांसद गोपालजी ठाकुर ने देश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर 1960 को देश में महज 28 केंद्रीय विद्यालयों के साथ इसकी शुरुआत हुई थी। उन्होंने जानकारी दी कि पहले बिहार में 49 केंद्रीय विद्यालय संचालित थे, लेकिन अब 19 और नए विद्यालयों की स्थापना के साथ कुल 35 केंद्रीय विद्यालय सफलतापूर्वक चल रहे हैं।उन्होंने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि एसटीईटी (STET) में अब मैथिली विषय को भी शामिल कर लिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र में मैथिली शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ होगा, जिससे स्थानीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
1 जुलाई से सजेगी कक्षाएं, ये रहे मौजूद
समारोह में यह भी घोषणा की गई कि नए केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3 दरभंगा में छात्र-छात्राओं का नामांकन और नियमित वर्ग संचालन आगामी 1 जुलाई से प्रारंभ हो जाएगा। इससे हजारों बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल पाएगा।इस अवसर पर बीडीओ मनीष कुमार, पंचायत की मुखिया माधुरी कुमारी, मुखिया महासंध के राजीव चौधरी, नवीन चौधरी, जिला पार्षद प्रतिनिधि बबलू सहनी, समाजसेवी राधेश चौधरी, धीरज कुमार वंशी, वैद्यनाथ मिश्र, शशिकांत प्रसाद और पूर्व मुखिया राम एकवाल चौधरी समेत सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस नए दरभंगा केंद्रीय विद्यालय से क्षेत्र में शैक्षिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।








