Bihar CO Transfer: बिहार सरकार ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत कार्यरत अंचल अधिकारियों (सीओ) का बड़े पैमाने पर तबादला किया है। विभाग ने विभिन्न जिलों में तैनात दर्जनों अंचल अधिकारियों की सूची जारी कर दी है, जिससे राज्य के भूमि प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है। इस फेरबदल का मुख्य लक्ष्य भूमि संबंधी लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना और राजस्व वसूली को बेहतर बनाना है।
राजस्व विभाग का यह बड़ा फैसला क्यों?
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब बिहार सरकार भूमि सुधार, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, भू-स्वामित्व कार्ड वितरण और राजस्व वसूली जैसे अभियानों पर विशेष जोर दे रही है। हाल के महीनों में कई अंचलों से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज में अनावश्यक देरी और राजस्व लक्ष्य हासिल न करने जैसी गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों को देखते हुए विभाग ने यह बड़ा कदम उठाया है, ताकि प्रशासनिक कामकाज को और चुस्त-दुरुस्त बनाया जा सके।






किन जिलों के अंचल अधिकारी बदले गए, कौन कहां पहुंचा?
जारी की गई सूची में पटना, गया, नालंदा, नवादा, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सारण, सीवान, भोजपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, मधुबनी, कटिहार और जमुई समेत राज्य के अधिकांश जिलों के अंचल अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इस व्यापक तबादले में सैकड़ों अंचल अधिकारियों को नए स्थानों पर पदस्थापित किया गया है।
विभाग ने कुछ प्रमुख अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया है:
- श्री अनिल कुमार को वैशाली जिले के चेहराकला अंचल का अंचल अधिकारी बनाया गया है।
- श्री सोम कुमार को जमुई सदर अंचल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- सुश्री निकेता अग्रवाल को जमुई जिले के झाझा अंचल में अंचल अधिकारी के पद पर तैनात किया गया है।
कई जिलों में वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण अंचलों में भेजा गया है, वहीं कुछ युवा अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
नए अंचल अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नए पदस्थापित अंचल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें तत्काल अपने-अपने नए अंचलों में कार्यभार संभालने और वहां के प्रशासनिक कामकाज को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने को कहा गया है। विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि जन शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक निपटारा हो। सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर नए कार्यस्थल पर रिपोर्ट करने और वहां की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करके तत्काल कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया गया है।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों को तेजी से निपटाना, राजस्व वसूली में सुधार लाना और आम जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। उम्मीद है कि इन तबादलों से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और भूमि विवादों में कमी आएगी, जिससे नागरिकों को काफी राहत मिलेगी।








