Bihar Weather: पूरे बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पटना समेत 12 जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 25 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मंगलवार को औरंगाबाद में बिजली गिरने से एक महिला की मौत भी हो गई, जो मानसून के खतरों को उजागर करता है।






बिहार में होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, जानें आपके जिले का हाल
Bihar Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 11 जून को बिहार में दस्तक तो दी, लेकिन 30 जून तक पूरे राज्य में फैलने के बावजूद जून महीने में सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इस बेरुखी के कारण खेती और जल स्रोतों पर असर साफ दिखाई देने लगा है। हालांकि, अब राहत की उम्मीद जगी है। मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, 15 जुलाई के बाद पटना समेत बिहार के अधिकांश जिलों में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है, जिससे अच्छी और व्यापक बारिश हो सकती है। इसी बीच, मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए वज्रपात और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
15 जुलाई के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज, IMD का बड़ा अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 15 जुलाई के बाद राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इस दौरान अच्छी और व्यापक बारिश होने की प्रबल संभावना है। यदि जुलाई के पहले पखवाड़े में भी बारिश कम रहती है, तो राज्य के कई हिस्सों में सुखाड़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ जाएगा। अगले एक सप्ताह तक पटना सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, हालांकि हवा में नमी अधिक रहने से उमस भरी गर्मी से लोगों को फिलहाल पूरी राहत नहीं मिलेगी।
इन जिलों के लिए वज्रपात और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने दरभंगा, गोपालगंज, समस्तीपुर सहित उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 15 जुलाई के बाद मॉनसूनी सिस्टम मजबूत होने पर उत्तर से दक्षिण बिहार तक झमाझम बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
खेती पर गहराया संकट, प्रभावित हुई ये फसलें
पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान की रोपाई लगातार प्रभावित हो रही है, जिससे लंबी अवधि वाली धान की खेती मुश्किल में पड़ गई है। खरीफ मक्का की बुआई और शुरुआती बढ़वार के लिए जरूरी नमी नहीं मिल पा रही है। उड़द और मूंग की फसल का अंकुरण प्रभावित हुआ है, जबकि तिल की खेती का रकबा घटने की आशंका है। भिंडी, लौकी, करेला, खीरा, मिर्च और टमाटर जैसी खरीफ सब्जियों के उत्पादन पर भी संकट मंडरा रहा है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय है।
जून में क्यों कम हुई बारिश? पटना और गया का बुरा हाल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून समय पर आने के बावजूद बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय नहीं हुआ। इसी वजह से पूरे जून महीने में पर्याप्त बादल नहीं बने और राज्य में सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। बारिश के आंकड़ों के अनुसार, जून में गया में 80 प्रतिशत और पटना में 76 प्रतिशत कम बारिश हुई। अन्य जिलों में भी स्थिति गंभीर रही:
- औरंगाबाद: 74 प्रतिशत कम वर्षा
- सारण और गोपालगंज: 72 प्रतिशत कम वर्षा
- भागलपुर, नालंदा और समस्तीपुर: 68 प्रतिशत कम वर्षा
- जहानाबाद: 65 प्रतिशत कम वर्षा
- कैमूर और भोजपुर: 64 प्रतिशत कम वर्षा
इसके अलावा, बांका, शेखपुरा, खगड़िया, बेगूसराय, सहरसा और सिवान में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई। दूसरी ओर, किशनगंज में केवल 2 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि मधुबनी और सुपौल ऐसे जिले रहे जहां सामान्य से अधिक वर्षा हुई।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें और बारिश की स्थिति को देखते हुए अपनी खेती की रणनीति बनाएं। यदि 15 जुलाई के बाद अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है, तो खेती और जल स्रोतों को बड़ी राहत मिल सकती है, जिससे मौजूदा संकट कुछ हद तक टलने की उम्मीद है।
भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट
बुधवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पटना सहित 12 जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज वर्षा के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका है।
इसके अतिरिक्त, राज्य के 25 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। सुबह से ही बेगूसराय में शुरुआती बारिश और मुजफ्फरपुर में मंगलवार को हुई वर्षा के बाद बादल छाए रहे, जिससे स्कूली बच्चे छाते लेकर स्कूल जाते दिखे।
तापमान में गिरावट और बारिश का आंकड़ा
पिछले 24 घंटों के दौरान खगड़िया, समस्तीपुर, सासाराम और जमुई में भारी वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के कारण कई स्थानों पर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
मंगलवार को पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां ठंडी हवाओं ने उमस से राहत पहुंचाई। हालांकि, कैमूर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस और सासाराम में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
आईएमडी के अनुसार, मानसून की शुरुआत से 30 जून तक बिहार में 87.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 163.3 मिमी है। यह 46 प्रतिशत की महत्वपूर्ण कमी को दर्शाता है। हालांकि, पिछले 24 घंटों में उत्तरी और उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में बारिश की गतिविधि तेज हुई है।
आने वाले दिनों का बिहार मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है। पटना में 1 से 4 जुलाई तक बादल छाए रहेंगे और इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।
इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। 2 जुलाई को पटना, नालंदा, गया, जहानाबाद, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर और आसपास के जिलों में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के निवासियों से सतर्क रहने और गरज-चमक व तेज हवाओं के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को बिजली गिरने से बचाव के उपाय करने की भी सलाह दी गई है।








