Uber Safety Features: ऊबर इंडिया ने अपने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई नई सुविधाओं की घोषणा की है। कंपनी ने एन्क्रिप्टेड वीडियो रिकॉर्डिंग, एम्बुलेंस सहायता और ट्रिप वेरिफिकेशन को बेहतर बनाने जैसे कदम उठाए हैं, जिनका उद्देश्य यात्रियों और चालकों दोनों के लिए यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है। इन महत्वपूर्ण Uber Safety Features को नई दिल्ली में कंपनी के वार्षिक ‘ऊबर सुरक्षित’ कार्यक्रम में पेश किया गया।
वीडियो रिकॉर्डिंग और एम्बुलेंस सहायता से बढ़ी सुरक्षा
ऊबर ने ‘रिकॉर्ड माय राइड’ सुविधा को अपग्रेड किया है, जिसमें अब ऑडियो के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग का विकल्प भी मिलेगा। इस सुविधा को सक्षम करने पर, हर यात्रा की शुरुआत में वीडियो रिकॉर्डिंग अपने आप शुरू हो जाएगी। ये रिकॉर्डिंग उपयोगकर्ता के डिवाइस पर एन्क्रिप्टेड प्रारूप में सहेजी जाएंगी और किसी घटना की रिपोर्ट की जांच के दौरान ही ऊबर द्वारा इन्हें डिक्रिप्ट किया जा सकेगा। कंपनी का कहना है कि यह सुविधा गोपनीयता की रक्षा करते हुए सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करेगी।






इसके अलावा, ऊबर ने अपनी 24/7 सुरक्षा हेल्पलाइन का विस्तार करते हुए ऐप में एम्बुलेंस सहायता को भी शामिल किया है। किसी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में, उपयोगकर्ता सीधे प्लेटफॉर्म के माध्यम से एम्बुलेंस बुला सकेंगे। ऊबर ने इस सेवा के लिए मेडिकल लॉजिस्टिक्स प्रदाता डायल 4242 के साथ साझेदारी की है और इसका लक्ष्य औसतन 15 मिनट के भीतर एम्बुलेंस भेजना है।
ट्रिप वेरिफिकेशन पिन और नितिन गडकरी का संदेश
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए, ऊबर ने एक अनुकूलन योग्य ट्रिप वेरिफिकेशन पिन भी पेश किया है। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को यात्रा शुरू करने से पहले अपना स्वयं का सुरक्षा कोड बनाने और प्रबंधित करने की अनुमति देती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वे सही कैब में बैठें।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सड़क सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए 2001 में महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश सीमा पर हुए अपने गंभीर सड़क दुर्घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक खड़ी ट्रक ने उनके वाहन को आगे बढ़ने से रोका और उनकी जान बचाई।
मंत्री गडकरी ने कहा कि भारत में सड़क सुरक्षा के लिए असुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, जिसमें गलत साइड ड्राइविंग और यातायात नियमों का उल्लंघन जैसी प्रथाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने देश भर में दुर्घटना-संभावित और भूस्खलन-संभावित हिस्सों की पहचान की है और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये के सुधार कार्य शुरू किए हैं।
ऊबर द्वारा उठाए गए ये कदम यात्रियों और चालकों दोनों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। इन नई सुविधाओं से न केवल आपात स्थितियों में त्वरित सहायता मिलेगी, बल्कि यात्रियों को अपनी यात्रा पर अधिक नियंत्रण और मानसिक शांति भी मिल सकेगी। भविष्य में ये पहल सड़क सुरक्षा में सुधार लाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।








