Bihar IPS Transfer: बिहार में बुधवार को राज्य पुलिस प्रशासन में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला, जब 12 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इन तबादलों में सबसे अहम बदलाव विशेष निगरानी इकाई (SVU) में हुआ है, जहां चर्चित रिशुश्री मामले की जांच के बीच इसके प्रमुख पंकज कुमार दराद को हटा दिया गया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह प्रशासनिक बदलाव पुलिस व्यवस्था में नई जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
SVU में बड़ा बदलाव: पंकज दराद की विदाई
विशेष निगरानी इकाई (SVU) का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पंकज कुमार दराद को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब पुलिस भवन निर्माण निगम का अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सह प्रबंध निदेशक बनाया गया है। पंकज कुमार दराद लंबे समय से SVU की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे, और उनके कार्यकाल में कई बड़े मामलों की जांच चल रही थी।उनकी जगह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुधांशु कुमार को SVU का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सुधांशु कुमार के सामने अब इस महत्वपूर्ण इकाई के लंबित मामलों की निगरानी करने और भ्रष्टाचार व आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती होगी। SVU राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई के लिए प्रमुख एजेंसी मानी जाती है।






चर्चित रिशुश्री मामले की जांच पर असर?
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब विशेष निगरानी इकाई (SVU) चर्चित रिशुश्री मामले की गहन जांच कर रही है। पंकज कुमार दराद के स्थानांतरण के बाद, इस संवेदनशील मामले की जांच की निगरानी अब नए प्रभारी सुधांशु कुमार के नेतृत्व में होगी। हालांकि सरकार ने इस बदलाव को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और जांच पर सीधे असर का कोई अलग कारण नहीं बताया है।पंकज कुमार दराद को नई जिम्मेदारी के तहत पुलिस भवन निर्माण निगम में राज्य में पुलिस से जुड़े भवनों, कार्यालयों और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं की निगरानी करनी होगी। यह निगम पुलिस अधोसंरचना के विस्तार और निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अन्य महत्वपूर्ण तबादले और नई जिम्मेदारियां
तबादला सूची में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आईपीएस अधिकारी प्रीत वर्मा को गृह रक्षा वाहिनी यानी होमगार्ड का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं, पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) निर्मल कुमार आजाद को पुलिस महानिदेशक (मद्य निषेध) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।इन नियुक्तियों से विभिन्न विभागों के कामकाज में बेहतर समन्वय स्थापित होने और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को और मजबूत किया जा सकेगा।

सरकार का कहना है कि ये तबादले प्रशासनिक दक्षता और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए किए गए हैं। सुधांशु कुमार के नेतृत्व में अब SVU के लंबित मामलों और भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई की दिशा देखना महत्वपूर्ण होगा। यह देखना होगा कि नए नेतृत्व में रिशुश्री जैसे संवेदनशील मामलों की जांच किस गति से आगे बढ़ती है।









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