Bihar Vigilance: भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के सभी 9 प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालय (स्पेशल विजिलेंस कोर्ट) स्थापित किए जाएंगे। इस महत्वपूर्ण निर्णय का उद्देश्य भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा करना और दोषियों को जल्द से जल्द दंडित करना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘गरीबों को न्याय दिलाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। न्याय के साथ विकास तभी संभव है, जब सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।’
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भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने की तैयारी: जिले-अनुमंडल तक निगरानी का जाल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि अब राज्य के प्रत्येक जिले में निगरानी थाना और सभी अनुमंडलों में निगरानी ओपी (आउटपोस्ट) स्थापित करने की व्यवस्था की जाएगी। यह कदम भ्रष्टाचार के खिलाफ जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करेगा।

इसके साथ ही, अपराध और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को गवाही देने के लिए आने-जाने का परिवहन भत्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल गवाहों को सुरक्षा और सुविधा प्रदान कर उन्हें निडर होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
गवाहों को सुरक्षा, जब्त संपत्ति का सदुपयोग: CM का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनकी जब्त की गई संपत्तियों में विद्यालय संचालित किए जाएंगे। यह न केवल भ्रष्टाचारियों के लिए एक कड़ा संदेश होगा, बल्कि जब्त संपत्तियों का उपयोग जनहित में कर एक सकारात्मक उदाहरण भी पेश करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों, विधायकों तथा शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह रुख दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
आधुनिक बनेगी निगरानी एजेंसियां, ED-CBI भी मांगेंगे सहयोग
भ्रष्टाचार पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, स्पेशल विजिलेंस यूनिट तथा आर्थिक अपराध इकाई को आधुनिक और स्मार्ट कार्यप्रणाली विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों को इतना सक्षम बनाया जाएगा कि विशेष परिस्थितियों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी इनके सहयोग की आवश्यकता महसूस हो। यह कदम बिहार में Bihar Vigilance तंत्र को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम भी गरीबों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
भ्रष्टाचारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, जब्त संपत्ति से बनेंगे स्कूल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ किया कि अपराध और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को गवाही देने के लिए आने-जाने का परिवहन भत्ता भी दिया जाएगा। यह कदम गवाहों को सुरक्षा और सुविधा देने के लिए उठाया गया है। उन्होंने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, स्पेशल विजिलेंस यूनिट और आर्थिक अपराध इकाई जैसी एजेंसियों को आधुनिक और स्मार्ट कार्यप्रणाली विकसित करने का निर्देश दिया है।मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन एजेंसियों को इतना सक्षम बनाया जाएगा कि विशेष परिस्थितियों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को भी इनसे सहयोग की आवश्यकता महसूस होगी। यह दर्शाता है कि राज्य की अपनी निगरानी व्यवस्था को कितना मजबूत किया जा रहा है।
गरीबों को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
सम्राट चौधरी ने यह भी घोषणा की कि भ्रष्टाचार करने वाले लोगों को चिन्हित किया जाएगा और उनकी जब्त संपत्तियों में विद्यालय संचालित किए जाएंगे। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो भ्रष्टाचार से अर्जित धन का उपयोग जनहित में करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों, विधायकों तथा शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गरीबों को न्याय दिलाना है। इसी उद्देश्य से ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्याय के साथ विकास तभी संभव है, जब सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यह सभी घोषणाएं बिहार में सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन स्थापित करने की सरकार के संकल्प को मजबूत करती हैं।















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