Bihar Flood Protection: भागलपुर जिले में बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बाढ़ सुरक्षा और तटबंध संरक्षण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण विशेष रूप से इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध और ज्ञानीदास-झल्लूदास ग्रामों में चल रहे महत्वपूर्ण कटाव निरोधक कार्यों पर केंद्रित था, जहां उन्होंने गुणवत्ता और गति पर जोर दिया।
बाढ़ से सुरक्षा के लिए बड़ी खबर! भागलपुर में तटबंध पर काम पूरा करने को मिला 15 दिन का अल्टीमेटम, गांव वालों की जान बचेगी!
Bihar Flood Protection: बिहार में बाढ़ से बचाव को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भागलपुर जिले में चल रहे महत्वपूर्ण कटाव निरोधक कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध पर चल रहे काम को 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा करने का सख्त आदेश दिया, साथ ही गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की चेतावनी भी दी।






सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध के स्पर संख्या 07 से 09 के बीच चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। भागलपुर के गोपालपुर प्रखंड के अंतर्गत गंगा नदी के बाएं किनारे स्थित इस तटबंध के स्पर-8 से 9 के बीच 740 मीटर में बोल्डर एप्रन, बोल्डर स्लोप पिचिंग और बांध के टो (Toe) में शीट पाइल का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कार्यस्थल पर बोल्डर की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने और काम को दिन-रात तेजी से निपटाने के लिए पर्याप्त श्रमबल व मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।
इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध पर सख्त निगरानी
इसके अतिरिक्त, सचिव ने भागलपुर के रंगरा प्रखंड के ज्ञानीदास-झल्लूदास ग्राम में संचालित बाढ़ सुरक्षा कार्यों का भी निरीक्षण किया। यह कार्य गंगा नदी के बाएं तट पर प्रस्तावित है, जिसमें 1394 मीटर में बोल्डर एप्रन और स्लोप पिचिंग का काम होना है।
यहां उन्होंने कार्य में प्रयुक्त होने वाले बोल्डर की पर्याप्त मात्रा में भंडारण और क्रेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, मौके पर मौजूद अभियंताओं को कैंप लगाकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य को पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया। इस कार्य के पूर्ण होने से ज्ञानीदास-झल्लूदास गांव की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर
जल संसाधन विभाग के सचिव के इस औचक निरीक्षण और कड़े निर्देशों से स्पष्ट है कि बिहार सरकार बाढ़ से बचाव को लेकर गंभीर है। भागलपुर जिले में चल रही इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा होना गंगा किनारे बसे हजारों लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा, जिससे Bihar Flood Protection के प्रयासों को बल मिलेगा।
इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध पर 15 दिन का अल्टीमेटम
गोपालपुर प्रखंड के तहत गंगा नदी के बाएं किनारे पर स्थित इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध के स्पर-8 से स्पर-9 के बीच चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का जायजा लेते हुए, सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बोल्डर की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने और कार्य को जल्द पूरा करने के लिए पर्याप्त श्रमबल और मशीनों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया।
डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि स्पर-8 से 9 के बीच 740 मीटर में होने वाले बोल्डर एप्रन, बोल्डर स्लोप पिचिंग और बांध के ‘टो’ में शीट पाइल के प्रावधान का कार्य हर हाल में अगले 15 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाए।
यह सख्त समय-सीमा स्थानीय आबादी को बाढ़ और कटाव से बचाने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ज्ञानीदास-झल्लूदास में गुणवत्ता पर फोकस
रंगरा प्रखंड के ज्ञानीदास-झल्लूदास ग्राम में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का भी सचिव ने बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्य में प्रयुक्त होने वाले बोल्डर और क्रेट की पर्याप्त मात्रा में भंडारण और उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने स्थल पर मौजूद अभियंताओं को कैंप करके कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए निर्देशित किया।
गंगा नदी के बाएं तट पर प्रस्तावित इस कार्य में 1394 मीटर में बोल्डर एप्रन और स्लोप पिचिंग का काम होना है। इस कार्य के सफल और गुणवत्तापूर्ण समापन से ज्ञानीदास-झल्लूदास और आसपास के अन्य गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे हजारों लोगों को बाढ़ के खतरे से मुक्ति मिलेगी।
बाढ़ सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास
जल संसाधन विभाग का यह निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई Bihar Flood Protection के प्रति सरकार की गंभीरता को दिखाता है। मानसून से पहले सभी कटाव निरोधक और तटबंध सुरक्षा कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल का नुकसान कम से कम हो सके।








