Bihar Banka Accident: बिहार के बांका जिले में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बौसी थाना क्षेत्र में बौसी-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित ट्रक पलटने से 6 साल के एक मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
यह हादसा भंडारी चक गांव के पास हुआ, जब झारखंड की ओर से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक ओवरटेक के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। ट्रक सीधा प्रकाश यादव के घर के पास गिरा, जहां उनका 6 वर्षीय बेटा हैप्पी कुमार खेल रहा था। ट्रक के नीचे दबने से मासूम हैप्पी ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में घर के बाहर बंधे तीन मवेशियों की भी मौत हो गई, जबकि एक भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई।






बांका में मौत का ट्रक! 6 साल के बच्चे को कुचला, भीड़ का पुलिस पर हमला, SDPO जख्मी
Banka Truck Accident: बिहार के बांका जिले में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने भीषण तबाही मचाई। बौसी थाना क्षेत्र में बौसी-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस दर्दनाक हादसे में एक छह वर्षीय मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक की चपेट में आने से तीन मवेशियों ने भी दम तोड़ दिया, जबकि एक भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राहत कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इस हमले में बौसी के एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा समेत करीब छह पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए।
बेकाबू ट्रक ने मासूम और मवेशियों को कुचला
झारखंड की ओर से एक तेज रफ्तार ट्रक बौसी की दिशा में आ रहा था। भंडारी चक गांव के पास ओवरटेक करने के प्रयास में चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे पलट गया और सीधे प्रकाश यादव के घर के पास जा गिरा। इसी दौरान घर के बाहर मौजूद उनके छह वर्षीय बेटे हैप्पी कुमार ट्रक के नीचे दब गए, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में घर के बाहर बंधे तीन मवेशी भी ट्रक की चपेट में आ गए और उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक घंटे से अधिक समय तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे वाहन चालकों और आम लोगों को परेशानी हुई।
राहत कार्य में देरी पर भड़की भीड़, पुलिस पर हमला
घटना की सूचना मिलते ही बौसी के एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, बौसी थाना पुलिस और आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। हाइड्रा और जेसीबी की मदद से पलटे ट्रक को हटाने का काम शुरू किया गया, जिसके बाद उसके नीचे दबे मासूम हैप्पी के शव को बाहर निकाला गया। हालांकि, राहत एवं बचाव कार्य में देरी का आरोप लगाकर ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। मृतक के परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए बौसी-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांस-बल्ला लगाकर और शव को रखकर जाम कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण हो गई और उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
इस पथराव में एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, पंजवारा थानाध्यक्ष चंदन कुमार, बंधुआ कुरावा थाना के एएसआई दिलीप यादव, होमगार्ड जवान सुजीत कुमार गुप्ता समेत कुल छह पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जिसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका।
लापरवाही की जांच और हमलावरों पर कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। घटना के बाद से मृतक मासूम के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि मासूम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा पूरे मामले की जांच कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भीड़ के हिंसक व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मदद में देरी पर भड़के ग्रामीण, पुलिस पर किया पथराव
दुर्घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों का आरोप था कि राहत और बचाव कार्य में पुलिस ने देरी की। इसी बात को लेकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। मृतक के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए बौसी-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग को बांस-बल्ला लगाकर और शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
सूचना मिलते ही बौसी के एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, पंजवारा थानाध्यक्ष चंदन कुमार, बंधुआ कुरावा थाना के एएसआई दिलीप यादव और होमगार्ड जवान सुजीत कुमार गुप्ता समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन हालात और बिगड़ गए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा सहित कुल छह पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए।
ट्रक हटाकर निकाला गया मासूम का शव, जांच जारी
स्थिति बेकाबू होते देख अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया, जिसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका। हाइड्रा और जेसीबी की मदद से पलटे हुए ट्रक को हटाया गया और उसके नीचे दबे मासूम हैप्पी के शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
मासूम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा पूरे मामले की जांच कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पर हमले के मामले में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
– इंद्रजीत बैठा, एसडीपीओ, बौसी
इस घटना से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की विधिसम्मत कार्रवाई की बात कही है। पुलिस पर हमले के मामले में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।








