Bihar Solar: बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। राज्य की बिजली वितरण कंपनियों को अब तक 3.48 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं से मुफ्त रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की सहमति मिल चुकी है। यह पहल राज्य की स्वच्छ ऊर्जा योजना का हिस्सा है, जिसके तहत पहले चरण में 2.50 लाख उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआती चरण में लगभग 1.10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर 1.10 किलोवाट के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। एक बार यह लक्ष्य पूरा होने के बाद, कार्यक्रम का विस्तार अन्य पात्र घरों तक किया जाएगा।
मुफ्त बिजली और 10 साल तक रखरखाव की गारंटी
इस योजना के तहत, नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कंपनी (RESCO) मॉडल अपनाया गया है। इसके अंतर्गत सोलर पैनल लगाने वाली एजेंसी ही अगले 10 वर्षों तक सिस्टम के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी। उपभोक्ताओं को पैनल लगाने या उसके रखरखाव के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना के तहत हर महीने 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली भी दी जाएगी, जिससे लाखों परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।






अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई का मौका
यदि किसी उपभोक्ता के घर में उत्पादन होने वाली बिजली उसकी खपत से अधिक होती है, तो अतिरिक्त बिजली को बिजली विभाग द्वारा खरीदा जाएगा। इस योजना के प्रावधानों के अनुसार, उपभोक्ताओं को ग्रिड को आपूर्ति की गई अतिरिक्त बिजली के लिए प्रति यूनिट 1.99 रुपये से 3.00 रुपये तक का भुगतान मिलेगा। यह व्यवस्था रूफटॉप सोलर अपनाने को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बिजली उत्पादन से वित्तीय लाभ कमाने का अवसर भी प्रदान करेगी।
‘हर घर बिजली’ अभियान की तर्ज पर लागू होगी योजना
बिजली विभाग इस कार्यक्रम को मिशन मोड में लागू करने की तैयारी कर रहा है, ठीक उसी तरह जैसे ‘हर घर बिजली’ अभियान चलाया गया था। इस अभियान ने विशेष ड्राइव और शिविरों के माध्यम से बिजली तक पहुंच का विस्तार किया था। अधिकारी पात्र लाभार्थियों के बीच रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में तेजी लाने के लिए इसी तरह की आउटरीच गतिविधियों का आयोजन करने की योजना बना रहे हैं।
मुफ्त बिजली योजना से सीधा जुड़ाव
रूफटॉप सोलर पहल की घोषणा सरकार के सभी उपभोक्ता श्रेणियों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान करने के निर्णय के साथ की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, क्योंकि उनकी मासिक बिजली खपत आमतौर पर 125 यूनिट की सीमा के भीतर रहती है। जैसे-जैसे अधिक घर सौर ऊर्जा की ओर बढ़ेंगे, इन उपभोक्ताओं से अपनी अधिकांश बिजली की जरूरतें नवीकरणीय ऊर्जा से पूरी करने की उम्मीद है, जिससे सब्सिडी वाली बिजली पर सरकार का खर्च भी कम होगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल बिहार में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लाखों गरीब परिवारों को बिजली बिल के बोझ से मुक्ति मिलेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। आने वाले समय में जैसे-जैसे पहले चरण का लक्ष्य पूरा होगा, इस योजना का विस्तार अन्य पात्र घरों तक भी किया जाएगा, जिससे राज्य में सौर ऊर्जा क्रांति को गति मिलेगी।








