Bihar Gramin Bank: सोमवार को भागलपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर बिहार ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। बैंक के सैकड़ों कर्मियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक के कथित तानाशाही रवैये और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सामूहिक प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन बिहार ग्रामीण बैंक एम्प्लॉय फेडरेशन और ऑफिसर फेडरेशन के संयुक्त बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 100 महिला एवं पुरुष बैंककर्मी शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान, कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। ऑफिसर फेडरेशन के महासचिव मोहम्मद नदीम अख्तर ने सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कर्मचारियों की कई लंबित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया, जिस पर त्वरित समाधान की मांग की गई।






बिहार ग्रामीण बैंक कर्मियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
विरोध प्रदर्शन के अंत में, फेडरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय प्रबंधक को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में एक व्यापक और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी, ऐसा नेताओं ने कहा।
फेडरेशन के नेताओं ने कहा, ‘यदि कर्मचारियों की जायज मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में और व्यापक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी।’
इस अवसर पर ऑफिसर फेडरेशन के क्षेत्रीय सचिव आकाश आनंद, अध्यक्ष अरविंद कुमार, एम्प्लॉय फेडरेशन के सचिव अजीत कुमार और अध्यक्ष राजकुमार सहित ऋतु सिंह, ऋचा ठाकुर, शालिनी सिन्हा, बेनजीर हसन, रामअवतार यादव, कुणाल कुमार, मुकेश कुमार और आनंद सागर जैसे कई प्रमुख बैंककर्मी मौजूद रहे। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट संदेश छोड़ गया है कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं।








