Bihar Weather: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बिहार में सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश, गरज के साथ बिजली और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, सीमांचल और उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम की स्थिति विशेष रूप से गंभीर रहने की उम्मीद है, जहां अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने निवासियों से अपील की है कि वे तेज बारिश के दौरान घरों के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
इन जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट
आईएमडी ने कुछ जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में लंबे समय तक बारिश होने से जलजमाव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।






- अररिया
- किशनगंज
इन जिलों के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने और सभी आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
इन चार जिलों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी
इनके अतिरिक्त, चार अन्य जिलों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन बाधित हो सकता है, खासकर निचले इलाकों में जो बाढ़ के प्रति संवेदनशील हैं।
- कटिहार
- पूर्णिया
- सुपौल
- मधुबनी
मौसम विभाग ने गरज के साथ बिजली कड़कने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदानों, अकेले पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
बिहार के बड़े हिस्से में बारिश की संभावना
उत्तर-पूर्वी बिहार के कई जिलों में बारिश होने की उम्मीद है। इन जिलों में अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा शामिल हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बिहार के गोपालगंज, सीवान, सारण, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण के कुछ अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।
तापमान में खास बदलाव नहीं
व्यापक बारिश के बावजूद, आईएमडी ने अगले कुछ दिनों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया है। उत्तरी बिहार में अधिकतम तापमान 30°C से 32°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि दक्षिण बिहार में यह 32°C से 34°C के बीच रह सकता है।
सुरक्षा एडवाइजरी जारी
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। भारी बारिश के दौरान निवासियों को नदी तटों से दूर रहने और आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।








