Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में एक बड़ा हादसा टल गया। सोमवार रात काजी अहमद कॉलेज परिसर के समीप एक वर्षों पुराना विशाल इमली का पेड़ अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जान-माल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, पेड़ के गिरने से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसके बाद पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर वन विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि पेड़ लंबे समय से जर्जर हालत में था और बीच-बीच से फटा हुआ था। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी कई बार वन विभाग को दी थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।







बिजली गुल, गर्मी से बेहाल ग्रामीण
14 जुलाई की रात बिना किसी आंधी, तूफान या बारिश के यह विशाल इमली का पेड़ अचानक 11 हजार वोल्ट की विद्युत संचरण लाइन पर आ गिरा। भीषण गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति ठप होने से जाले के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंधेरे और गर्मी से जूझ रहे स्थानीय लोग खुद ही पेड़ हटाने में जुट गए ताकि रास्ता साफ हो सके और बिजली बहाल करने का काम शुरू किया जा सके।
वन विभाग की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित विभाग ने समय रहते इस जर्जर पेड़ पर ध्यान दिया होता और आवश्यक कार्रवाई की होती, तो ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बार-बार की शिकायत के बावजूद वन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया, जिससे यह घटना हुई।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में मौजूद अन्य जर्जर पेड़ों की पहचान की जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उनकी मांग है कि भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए ऐसे पेड़ों को हटाया जाए या उनकी मरम्मत की जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।









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