Bihar Assembly Session: आज बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन है और यह काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। मंगलवार को सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी, जिनमें भूमि दाखिल-खारिज और जीएसटी से जुड़े संशोधन कानून शामिल हैं। विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है।
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। इस दौरान अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों पर चर्चा होगी। इसके बाद शून्यकाल में विधायक अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाएंगे।






विधानसभा में पेश होंगे 7 महत्वपूर्ण विधेयक
आज सदन में कुल सात विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, गृह विभाग और वाणिज्य कर विभाग से संबंधित अहम कानून शामिल हैं। इन विधेयकों पर गहन चर्चा भी हो सकती है। ये विधेयक बिहार के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे और कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव लाएंगे।

| विधेयक का नाम | संबंधित विभाग/क्षेत्र |
|---|---|
| बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 | राजस्व एवं भूमि सुधार |
| बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए समपरिवर्तन) (संशोधन) विधेयक, 2026 | राजस्व एवं भूमि सुधार |
| बिहार चीनी उपकर (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026 | वाणिज्य कर |
| बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 | वाणिज्य कर |
| बिहार युवा (प्रतिवेध) विधेयक, 2026 | गृह विभाग |
| बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 | स्वास्थ्य |
| बिहार चिकित्सक (संशोधन) विधेयक, 2026 | स्वास्थ्य |
ये विधेयक राज्य की भूमि व्यवस्था, कृषि उपयोग, वाणिज्यिक कर प्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने का प्रयास करेंगे, जिससे आम जनता पर सीधा असर पड़ेगा।
87 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट पेश
सोमवार को बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 87,383.43 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने यह बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस अतिरिक्त राशि का एक बड़ा हिस्सा विकास योजनाओं पर खर्च होगा, जिससे राज्य में परियोजनाओं की रफ्तार तेज होगी।
जानकारी के अनुसार, कुल 57,077.96 करोड़ रुपये वार्षिक योजनाओं के लिए प्रस्तावित हैं। सेंट्रल स्कीम मद में 39.48 करोड़ रुपये और वेतन-पेंशन पर 32,265 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इस बजट से कई महत्वपूर्ण योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
पहले दिन विपक्ष ने किया था जोरदार हंगामा
मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को विपक्ष के हंगामे के साथ हुई थी। सरकार ने सदन में अपने 100 दिनों की उपलब्धियां रखीं, जबकि विपक्ष ने केंद्र सरकार और वर्तमान परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। विपक्षी सदस्यों ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। आज भी विपक्ष के तेवर तीखे रहने की उम्मीद है।









