Bhagalpur Bribe: बिहार के भागलपुर जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। बिजली कनेक्शन के नाम पर 4,000 रुपये की घूस ले रहे एक जूनियर इंजीनियर और एक निजी कंपनी के तकनीशियन को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।
बिजली कनेक्शन के लिए मांगे थे 4000 रुपये
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 21 जुलाई को भागलपुर में यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कौटिल्य नॉर्थ पावर सब-स्टेशन, कचहरी रोड, भागलपुर वितरण में तैनात जूनियर इंजीनियर अमित कुमार और स्मार्ट मीटर लगाने वाली जेनस कंपनी के तकनीशियन सौरभ कुमार के रूप में हुई है। संतोष कुमार नामक एक शिकायतकर्ता ने निगरानी ब्यूरो से संपर्क किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अमित कुमार नए बिजली कनेक्शन के लिए 4,000 रुपये की मांग कर रहे थे।






निगरानी विभाग के मुताबिक, शिकायत की पुष्टि के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। ब्यूरो ने शिकायत को सत्यापित किया और आरोपों को सही पाया।

रंगे हाथ पकड़े गए घूसखोर
शिकायत की पुष्टि होने के बाद, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के पुलिस उपाधीक्षक (Dy SP) मिथिलेश कुमार की देखरेख में एक जाल बिछाने वाली टीम का गठन किया गया। इस टीम ने अमित कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। सौरभ कुमार, जिन्हें एफआईआर में आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया था, को भी इस ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को भागलपुर की विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि यह 2026 में बिहार में भ्रष्टाचार से संबंधित दर्ज की गई 86वीं एफआईआर है और इस साल एजेंसी द्वारा किया गया 80वां जाल बिछाने का मामला है। ब्यूरो के अनुसार, 2026 के दौरान 80 जाल बिछाने के मामलों में अब तक 80 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा और गिरफ्तार किया गया है। ब्यूरो ने बताया कि इस साल अब तक इन ऑपरेशनों के माध्यम से कथित रिश्वत के रूप में 29.18 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 101 जाल बिछाने के मामलों में 37.80 लाख रुपये बरामद किए गए थे। पढ़िए विस्तार से
नया बिजली कनेक्शन देने के नाम पर रिश्वत लेते, विजिलेंस टीम ने JE और टेकनीशियन को किया गिरफ्तार
भागलपुर में विजिलेंस अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर नया बिजली कनेक्शन चालू कराने के नाम पर चार हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।यह कार्रवाई तिलकामांझी चौक स्थित कचहरी बिजली उपकेंद्र में की गई। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में कनिष्ठ अभियंता अमित कुमार और तकनीशियन सौरभ कुमार शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि बरारी थाना क्षेत्र के खंजरपुर निवासी संतोष कुमार ने नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था। सभी सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उनका कनेक्शन चालू नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने कनेक्शन चालू करने के बदले चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी।इसकी शिकायत संतोष कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और रिश्वत लेते समय दोनों कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मौके पर रिश्वत की राशि भी बरामद की गई।फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो राज्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सक्रिय है। आने वाले समय में भी ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है, जिससे आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।









