खुशखबरी! बिहार के स्टेट हाई-वे पर आपकी गाड़ी से नहीं लगेगा टोल टैक्स, मंत्री ने बताया पूरा नियम
Bihar Toll Tax: राज्य के स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स को लेकर आम जनता के मन में चल रही शंकाओं और भ्रम को बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने पूरी तरह से दूर कर दिया है। उन्होंने विधान परिषद में स्पष्ट किया कि निजी वाहनों को राज्य के हाई-वे पर कोई टोल नहीं देना होगा। यह घोषणा लाखों वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
बिहार के स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स का नियम बदला! क्या अब आपको भी देना होगा पैसा?
Bihar Toll Tax: बिहार के बिहार में स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स को लेकर लंबे समय से चली आ रही दुविधा अब समाप्त हो गई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इन सड़कों पर किन वाहनों से कर वसूला जाएगा और किसे छूट मिलेगी। परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने विधान परिषद में इस संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।






स्टेट हाई-वे पर सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से वसूली
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि बिहार के स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स सिर्फ व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों से ही लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि निजी या गैर-व्यावसायिक वाहनों से किसी भी प्रकार का कर नहीं वसूला जाएगा। यह फैसला उन सभी वाहन मालिकों के लिए राहत भरा है जो अपने निजी वाहनों से इन सड़कों का उपयोग करते हैं।

पीले नंबर-प्लेट वाले वाहनों पर ही लगेगा ‘बिहार टोल टैक्स’
मंत्री दामोदर रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि टोल टैक्स की वसूली केवल उन्हीं वाहनों से की जाएगी जिनके नंबर-प्लेट पीले रंग के होते हैं। उन्होंने बताया कि पीले रंग के नंबर-प्लेट व्यावसायिक वाहनों की पहचान होते हैं। इसका मतलब है कि टैक्सी, ट्रक, बस जैसे व्यावसायिक वाहन ही स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स का भुगतान करेंगे, जबकि सफेद नंबर-प्लेट वाले निजी वाहनों को इससे छूट मिलेगी। इस कदम से राज्य में परिवहन नियमों को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों में भ्रम की स्थिति दूर होगी।
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने विधान परिषद में बताया, “स्टेट हाई-वे पर मात्र व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों से ही टैक्स लिया जाएगा। बाकी वाहनों से नहीं। मात्र पीले रंग के नंबर-प्लेट वाले वाहनों से ही कर वसूली होगी। इस रंग का नंबर-प्लेट व्यावसायिक वाहनों का होता है।”
आम जनता को मिली बड़ी राहत
सरकार के इस निर्णय से राज्य भर के लाखों निजी वाहन चालकों को सीधा फायदा होगा। अब उन्हें स्टेट हाई-वे पर यात्रा करते समय टोल टैक्स चुकाने की चिंता नहीं करनी होगी। यह फैसला सड़कों के उपयोग को लेकर एक स्पष्ट नीति स्थापित करता है, जिससे यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों दोनों को सुविधा होगी।
निजी वाहनों को टोल से मिली मुक्ति: परिवहन मंत्री का स्पष्टीकरण
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने विधान परिषद में बताया कि स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स की वसूली केवल व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों से ही की जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि आम लोगों के निजी वाहन, जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं होता, उन्हें राज्य के हाई-वे पर टोल शुल्क नहीं देना पड़ेगा। यह फैसला प्रदेश के नागरिकों को आर्थिक बोझ से बचाने में मदद करेगा।
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा, ‘स्टेट हाई-वे पर मात्र व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों से ही टैक्स लिया जाएगा। बाकी वाहनों से नहीं। मात्र पीले रंग के नंबर-प्लेट वाले वाहनों से ही कर वसूली होगी। इस रंग का नंबर-प्लेट व्यावसायिक वाहनों का होता है।’
मंत्री ने साफ किया कि सिर्फ पीले रंग के नंबर-प्लेट वाले वाहनों से ही कर वसूला जाएगा, क्योंकि इस रंग का नंबर-प्लेट व्यावसायिक वाहनों की पहचान होता है। इससे टोल वसूली की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और गैर-व्यावसायिक वाहनों के चालकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ककोलत महोत्सव और स्कूलों में ‘आनापान’ अभ्यास की भी घोषणा
टोल टैक्स पर स्पष्टीकरण के साथ-साथ, परिवहन मंत्री ने दो अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध ककोलत महोत्सव के लिए ककोलत के पास एक उपयुक्त स्थल का चयन किया जाएगा। यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इसके अतिरिक्त, सरकारी स्कूलों में छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 10 मिनट का ‘आनापान अभ्यास’ कराया जाएगा। यह योग और ध्यान पर आधारित अभ्यास छात्रों को एकाग्रता बढ़ाने और तनाव कम करने में सहायक होगा, जिससे उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इन फैसलों से बिहार में शिक्षा और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में नई पहल देखने को मिलेगी।









