Bihar Shravani Mela: श्रावणी मेले के लिए देवघर (बाबाधाम) जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को पूर्व रेलवे ने बड़ी राहत दी है। बिहार के रक्सौल से देवघर के बीच एक विशेष श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन (05545/05546) चलाने का ऐलान किया गया है। यह ट्रेन सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बरौनी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे उत्तर बिहार के कांवड़ियों को बाबाधाम पहुंचने में काफी सुविधा होगी।
श्रावणी मेले पर आई सबसे बड़ी खबर! रक्सौल से देवघर के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, क्या आप भी हैं इस रूट पर?
Bihar Shravani Mela: श्रावणी मेले में बाबा धाम देवघर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए पूर्व रेलवे ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब रक्सौल से देवघर के बीच एक विशेष ट्रेन चलाई जाएगी, जिससे बिहार और झारखंड के भक्तों का सफर आसान हो जाएगा। यह विशेष ट्रेन 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक कुल 14 फेरे लगाएगी।






इस नई सेवा से उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बरौनी जैसे प्रमुख शहरों के कांवड़ियों को सीधे देवघर पहुंचने में सुविधा मिलेगी। पूर्व रेलवे की इस घोषणा से श्रद्धालुओं में हर्ष का माहौल है, क्योंकि इससे उनकी यात्रा न केवल सुगम होगी बल्कि समय की भी बचत होगी।

कांवड़ियों को मिलेगी सीधी राहत
श्रावणी मेले के दौरान हर साल लाखों लोग देवघर पहुंचते हैं। इस दौरान ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ रहती है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। इस विशेष ट्रेन की शुरुआत से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। ट्रेन संख्या 05545 रक्सौल से देवघर के लिए चलेगी, जबकि वापसी में ट्रेन संख्या 05546 देवघर से रक्सौल आएगी। यह सेवा पूरे एक महीने तक उपलब्ध रहेगी, जिससे कांवड़ियों को अपनी सुविधा अनुसार यात्रा प्लान करने का मौका मिलेगा।
पूर्व रेलवे ने श्रावणी मेले के लिए रक्सौल से देवघर के बीच एक विशेष ट्रेन (05545/05546) चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक कुल 14 फेरे लगाएगी।
जानिए रक्सौल-देवघर स्पेशल ट्रेन का पूरा शेड्यूल
यह विशेष श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन निर्धारित दिनों पर रक्सौल और देवघर के बीच चलेगी। यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:
| ट्रेन संख्या | मार्ग | प्रस्थान का दिन | प्रस्थान समय | आगमन समय |
|---|---|---|---|---|
| 05545 | रक्सौल से देवघर | शुक्रवार, रविवार, मंगलवार | रात 12:30 बजे | शाम 5:05 बजे |
| 05546 | देवघर से रक्सौल | सोमवार, बुधवार, शनिवार | शाम 6:05 बजे | अगले दिन सुबह 11:40 बजे |
इस शेड्यूल से कांवड़ियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी और वे बिना किसी असुविधा के बाबा धाम पहुंच पाएंगे। यह व्यवस्था श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए की गई है।
उत्तर बिहार और झारखंड के भक्तों को लाभ
इस ट्रेन का सीधा लाभ उत्तर बिहार के साथ-साथ झारखंड के उन श्रद्धालुओं को भी मिलेगा, जो इन मार्ग से होकर बाबा धाम जाना चाहते हैं। रक्सौल से खुलने वाली यह ट्रेन सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बरौनी जैसे महत्वपूर्ण जंक्शनों से गुजरेगी, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को देवघर के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। यह पहल श्रावणी मेले को सफल बनाने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उत्तर बिहार के कांवड़ियों को सीधी सौगात
पूर्व रेलवे के इस फैसले से श्रावणी मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को बड़ी सहूलियत मिलेगी। रक्सौल से देवघर के बीच चलने वाली यह विशेष ट्रेन 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक कुल 14 फेरे लगाएगी। यह पहल विशेष रूप से उत्तर बिहार और झारखंड के उन लाखों भक्तों के लिए की गई है, जो हर साल पवित्र श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ धाम दर्शन के लिए जाते हैं।
जानिए कब और कैसे चलेगी यह स्पेशल ट्रेन?
यह विशेष ट्रेन सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा योजना बनाने में आसानी होगी। ट्रेन संख्या 05545 रक्सौल से देवघर के लिए हर शुक्रवार, रविवार और मंगलवार को रात 12:30 बजे रवाना होगी और उसी दिन शाम 5:05 बजे देवघर पहुंचेगी।
वापसी में, ट्रेन संख्या 05546 देवघर से रक्सौल के लिए हर सोमवार, बुधवार और शनिवार को शाम 6:05 बजे खुलेगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 11:40 बजे रक्सौल पहुंचेगी। इस शेड्यूल से यात्रियों को बाबाधाम में दर्शन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और वे आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
रक्सौल-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की घोषणा। 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक चलेगी। उत्तर बिहार, झारखंड के कांवरियों को मिलेगी सुविधा।
इस विशेष ट्रेन सेवा से श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की यात्रा न केवल आसान और सुरक्षित होगी, बल्कि भीड़भाड़ भी कम होगी। यह पहल उत्तर बिहार और झारखंड के भक्तों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी, जो हर साल बड़ी संख्या में बाबाधाम की यात्रा करते हैं और उन्हें अक्सर परिवहन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।









