Bihar Police Alert: पटना में छात्रों के उग्र प्रदर्शन और हिंसा के बाद बिहार सरकार ने राज्य भर में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी है। बुधवार, 22 जुलाई को राजधानी में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और छात्रों के घायल होने, पथराव और मीडियाकर्मियों पर हमले की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। इसी के मद्देनजर, सरकार ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) को विशेष रूप से अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया है।
पटना में छात्रों का जबरदस्त हंगामा! पुलिस ने देर रात की कार्रवाई, जानें आगे क्या होगा?
Bihar Student Protest: नीट पेपर लीक मामले को लेकर पटना में छात्रों का आक्रोश थम नहीं रहा है। बुधवार को हुए जबरदस्त हंगामे के बाद आज भी छात्र प्रदर्शन जारी रखेंगे। पुलिस ने आधी रात कार्रवाई करते हुए पटना यूनिवर्सिटी (PU) छात्र संघ के अध्यक्ष सुशांत शेखर को हिरासत में ले लिया है। गांधी मैदान में छात्र संगठन AISA अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की तैयारी में है।






आधी रात हुई कार्रवाई, अध्यक्ष हिरासत में
बुधवार को हुए छात्र प्रदर्शन के बाद देर रात तक पुलिस कार्रवाई जारी रही। जानकारी के मुताबिक, देर रात करीब 2 बजे पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष सुशांत शेखर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आज फिर से छात्रों के प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पटना पुलिस हाई अलर्ट मोड पर है। पूरे बिहार में भी चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

नीट पेपर लीक पर भड़के छात्र, पुलिस से हुई झड़प
छात्र नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। बुधवार को छात्रों का प्रदर्शन गांधी मैदान से शुरू हुआ। छात्र राजभवन मार्च के लिए निकले थे। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ गए। छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
यहां से आगे बढ़ने पर डाक बंगला चौराहे पर छात्रों को फिर रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस ने उन पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बावजूद छात्र और उग्र हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इस झड़प के दौरान पुलिसकर्मियों और छात्रों के बीच पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
प्रदर्शन में कई पुलिसकर्मी हुए घायल
छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें वरीय अधिकारी भी शामिल हैं।
| पद | नाम | चोट |
|---|---|---|
| आईजी | जितेंद्र राणा | पैर में |
| टाउन डीएसपी 2 | कामाख्या नारायण | नाक, शरीर, हाथ में |
| गांधी मैदान थानेदार | अखिलेश मिश्रा | सिर फटा |
| पत्रकार नगर एसएचओ | सोनू कुमार | नाक पर |
| दारोगा, कोतवाली | चंदन राज | जानकारी नहीं |
| एएसआई, कोतवाली | संजीव कुमार सिंह | जानकारी नहीं |
| एएसआई, कोतवाली | रितेश कुमार | जानकारी नहीं |
| सिपाही, पुलिस लाइन | ओमप्रकाश चंद्रा | जानकारी नहीं |
| सिपाही, पुलिस लाइन | मुन्ना कुमार | जानकारी नहीं |
| सिपाही, गोंड कोतवाली | सन्नी देवल कुमार | जानकारी नहीं |
| एएसआई, कोतवाली | अरविंद कुमार निराला | जानकारी नहीं |
| कांस्टेबल, पुलिस लाइन | सूरज कुमार सिंह | जानकारी नहीं |
| पीएसआई, गांधी मैदान | अभिषेक रंजन | जानकारी नहीं |
| कांस्टेबल, गांधी मैदान | पूजा कुमारी | जानकारी नहीं |
| कांस्टेबल, गांधी मैदान | दुर्गा कुमारी | जानकारी नहीं |
इस घटना से शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। आज गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन धरना इस बात का संकेत है कि यह मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है।
पटना हिंसा का पूरे बिहार पर असर
सरकार की मुख्य चिंता यह है कि पटना में शुरू हुआ यह आंदोलन अन्य जिलों तक न फैल जाए। इसलिए संवेदनशील इलाकों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास और बिहार विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद बिहार में भी विरोध की आग तेज हो गई थी। पटना में विभिन्न छात्र संगठनों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। मार्च के दौरान स्थिति उस समय बेकाबू हो गई, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सीधा टकराव हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसके बाद लाठीचार्ज की खबरें भी सामने आईं।
प्रदर्शन के दौरान हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें आईजी जितेंद्र राणा के पैर में चोट आई और गांधी मैदान के थानेदार अखिलेश कुमार मिश्रा का सिर पथराव में फट गया। कई छात्रों और कुछ मीडियाकर्मियों को भी चोटें आईं।
राज्यव्यापी सतर्कता और आगे की रणनीति
पटना की घटनाओं के बाद अब बिहार सरकार की नजर पूरे राज्य पर है। सभी जिलों के एसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खास तौर पर छात्र संगठनों के संभावित कार्यक्रमों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है, ताकि शांति भंग न हो और स्थिति नियंत्रण में रहे।
प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पटना जैसी स्थिति किसी और जिले में उत्पन्न न हो। आने वाले दिनों में पुलिस और प्रशासन की ओर से ऐसे किसी भी प्रदर्शन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, जिससे राज्य में शांति और व्यवस्था बनी रहे।









