Bihar Drug Seizure: मधुबनी में ड्रग्स कंडक्ट का सबसे बड़ा खुलासा जल्द! STF-NCB की एंट्री, अंतरराष्ट्रीय -अंतरराज्यीय नेटवर्क छेदने पर चला हथौड़ा, तस्करों के सरगना निकलेंगे बिल से बाहर?
बिहार के मधुबनी जिले में मादक पदार्थों की बड़ी बरामदगी से जुड़े दो गंभीर मामलों की जांच अब मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एसटीएफ/एनसीबी समन्वित इकाई) को सौंप दी गई है। बासोपट्टी थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में गांजा और चरस जब्त किए जाने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने यह बड़ा फैसला लिया है। विशेष एजेंसी की टीम बुधवार देर शाम से ही क्षेत्र में पहुंचकर घटनास्थलों का गहन निरीक्षण कर रही है, जिससे बड़े अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद जगी है।






बासोपट्टी में जब्त हुई थी करोड़ों की ड्रग्स, पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
बासोपट्टी में मादक पदार्थों की बरामदगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए थे। कांड संख्या 191/26 में 13 जून 2026 को पुलिस ने 419.830 किलोग्राम गांजा जब्त किया था। इस मामले में पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही उजागर होने के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी विकास कुमार, एक एसआई और डायल-112 के एक पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया था। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। वहीं, कांड संख्या 192/26 में 15 जून 2026 को 4.435 किलोग्राम चरस, 70 ग्राम गांजा और एक बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। इन दोनों ही मामलों में एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

विशेष जांच दल संभालेगा कमान, बड़े नेटवर्क की तलाश
ड्रग्स बरामदगी की गंभीरता को देखते हुए, बिहार पुलिस मुख्यालय ने दोनों कांडों का अनुसंधान बासोपट्टी थाना से विशेष एजेंसी को स्थानांतरित कर दिया है। इस जांच के लिए वरीय पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश सिंह को अनुसंधानकर्ता नियुक्त किया गया है, जबकि पुलिस निरीक्षक दीपांकर श्रीज्ञान सह-अनुसंधानकर्ता के रूप में सहयोग करेंगे। सूत्रों की मानें तो इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
अधिकारियों का मानना है कि विशेष जांच से तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है। जांच एजेंसियां अब मादक पदार्थों के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
अधिकारी फिलहाल जांच से जुड़े तथ्यों का खुलासा नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि इस उच्च स्तरीय जांच से Bihar Drug Seizure के पीछे के बड़े सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है। यह कार्रवाई न केवल ड्रग तस्करों पर शिकंजा कसेगी, बल्कि राज्य में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर भी लगाम लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।








