Bihar Police: छात्र आंदोलन और आगामी बिहार बंद के मद्देनजर पूरे बिहार में पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। राज्य भर में पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे।
एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी सुबह से
दरभंगा में बिहार बंद को लेकर आक्रोश मार्च को देखते हुए पुलिस विधि व्यवस्था को सुचारू रूप से कार्यान्वित करने के लिए सारी क्षेत्र में विभिन्न संवेदनशील जगह पर एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी ने सुबह से जाकर मुआयना किए और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आदेश दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश भी दिए गए।






एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी की अपील
एसएसपी ने परिक्षार्थियों एवं अभिभावक से अनुरोध किया है कि नीट परीक्षा एवं अन्य परीक्षा से संबंधित किसी तरह की शिकायत हो तो शांतिपूर्ण तरीके से संबंधित सक्षम प्राधिकार को करें। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के अफवाहों पर ध्यान ना दें वही विश्वास नहीं करें और मैसेज को आगे नहीं भेजें।


शहरी क्षेत्र के सभी जगह पर सीसीटीवी और ड्रोन व वीडियो कैमरा से नजर रखी जा रही है। 25 जुलाई से अगले आदेश तक लगातार नजर रखी जाएगी। अपनी समस्या से संबंधित विधि सम्मत एवं शांति पूर्ण मध्यम से पूरी करवाएं। आपका भविष्य और आपकी शिक्षा अति महत्वपूर्ण है। वहीं एसएसपी ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि अपने बच्चों को हिंसा और उपद्रव से दूर रखें और खुद दूर रहें।

डीएम कौशल कुमार भी जगह-जगह
बिहार बंद को देखते हुए जिलाधिकारी कौशल कुमार भी जगह-जगह जाकर जायजा ले रहे हैं वहीं कई तरह के निर्देश भी दे रहे हैं। बता दें कि तीन दिन पूर्व देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक के पास रोड़ेबाजी और तोड़फोड़ की गई थी इसमें कई पुलिस वाले,आम नागरिक व पत्रकार घायल हुए थे। घटना को लेकर थाना में नगर निगम की उप महापौर नाजिया हसन,कई नेता सहित 52 नामजद और 500 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिसमें 18 बालिक 15 नाबालिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है। एसएसपी के निर्देश पर 91 लोगों का फोटो सोशल मीडिया पर प्रकाशित किया गया है। इन लोगों की पहचान कर गिरफ्तार किया जा रहा है।
NEET पेपर लीक: बिहार में छात्रों के हिंसक प्रदर्शन पर पुलिस का कड़ा एक्शन, 93 गिरफ्तार, 270 की तस्वीरें जारी!
Bihar Police: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच, पटना सहित पूरे बिहार में छात्रों के हिंसक प्रदर्शनों पर बिहार पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्यभर में 27 एफआईआर दर्ज की गई हैं और अब तक 93 छात्रों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, करीब 2,000 अज्ञात छात्रों पर भी मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 270 प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें जारी कर उनकी पहचान में सार्वजनिक मदद मांगी गई है।
पुलिस ने जारी की तस्वीरें, पहचान के लिए इनाम
बिहार पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर खड़े या आपस में बात करते कई प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें जारी की हैं। मुजफ्फरपुर में पुलिस ने इन तस्वीरों में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान बताने वाले को 10,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। अकेले पटना में पुलिस ने 60 लोगों की तस्वीरें जारी करके जनता से उनकी पहचान में सहयोग की अपील की है।
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, “पूरे शहर के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि पत्थरबाजी, पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है और हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।”
बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (सीसीएसयू) और डायल-100 की टीमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही हैं ताकि हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
पटना में 21 मामले दर्ज, 57 गिरफ्तारियां
पुलिस के अनुसार, बुधवार को हुई हिंसा के बाद पटना के विभिन्न थानों में 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों में पत्थरबाजी, पुलिसकर्मियों पर हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। राज्य की राजधानी में चार थानों में दर्ज मामलों में लगभग 500 अज्ञात व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है। अब तक, पटना में 57 छात्रों को दंगा, सरकारी काम में बाधा डालने, हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
कई जिलों में हिंसक हुए प्रदर्शन
गुरुवार को भी छात्र विरोध प्रदर्शन जारी रहे, जिसमें पटना, दरभंगा, बेगूसराय, जहानाबाद और कटिहार में प्रदर्शन हुए। पटना कॉलेज के पास छात्रों ने अशोक राजपथ को जाम कर दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पुलिस ने बाद में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दरभंगा, बेगूसराय और कटिहार में प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके।
जहानाबाद में, भीड़ को तितर-बितर करने के प्रयासों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। लाठीचार्ज के बाद, कुछ प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर चले गए और पत्थरबाजी जारी रखी। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और रेलवे ट्रैक खाली कराने के लिए लगभग 30 राउंड हवाई फायरिंग की। बेगूसराय में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट को घेरने का प्रयास किया, कुछ लोग मुख्य गेट पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। कटिहार में, जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर तैनात एक मजिस्ट्रेट को पत्थरबाजी के दौरान आंख में गंभीर चोट लगने की खबर है।
वकीलों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल
अधिवक्ता ऋषिकेश नारायण ने कहा कि पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं सहित विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अज्ञात आरोपियों को शामिल करने से पुलिस के लिए उन व्यक्तियों को गिरफ्तार करना आसान हो सकता है जिन्होंने विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया या उनका समर्थन किया। एक अन्य वकील, अधिवक्ता अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि छात्रों को आपराधिक मामलों के माध्यम से अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सात साल से कम कारावास वाली कई अपराधों को सख्त प्रावधानों के तहत निपटाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी गिरफ्तारियां हो रही हैं जहां जमानत प्रक्रियाओं का पालन किया जा सकता था।
नीट पेपर लीक की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ये विरोध प्रदर्शन राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा हैं। छात्र संगठन प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता का आरोप लगा रहे हैं, जबकि अधिकारी यह बनाए हुए हैं कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कई जिलों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, पुलिस कड़ी सुरक्षा बनाए हुए है और घटनाओं की जांच जारी है।
मोतिहारी में विशेष रणनीति, ड्रोन से निगरानी
पूर्वी चंपारण जिले के मुख्यालय मोतिहारी में संभावित उपद्रव और अशांति को नियंत्रित करने के लिए जिला पुलिस ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों, मुख्य बाजार क्षेत्रों और व्यस्त सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सादे लिबास में पुलिसकर्मी भी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भीड़ जमा होने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
पूरे शहर की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है, जिसमें ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार हवाई निगरानी शामिल है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया है।
पटना समेत संवेदनशील रेलवे स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा
बिहार बंद के मद्देनजर राजधानी पटना जंक्शन सहित अन्य सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों और राज्य के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत कर दी गई है। इन क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्टेशन परिसर की सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है कि बंद और आंदोलन के दौरान कोई भी कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासन का दृढ़ संकल्प है कि वह राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखेगा, और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगले कुछ दिनों तक सुरक्षा व्यवस्था इसी तरह चुस्त-दुरुस्त बनी रहेगी, ताकि जनजीवन सामान्य रहे।









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