Bihar Bandh: शुक्रवार को छात्रों द्वारा बुलाए गए ‘बिहार बंद’ के दौरान राज्य के कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला। नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और हाल में हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए इस बंद ने कई शहरों में उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिससे पुलिस और उनके बीच कई जगहों पर झड़पें हुईं। कहीं पथराव हुआ तो कहीं पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। कुछ स्थानों पर हालात इतने बिगड़ गए कि लाठीचार्ज और फायरिंग तक करनी पड़ी।
सीवान में एसपी पर पथराव, पुलिस ने की फायरिंग
बिहार बंद के दौरान सीवान में स्थिति सबसे गंभीर रही। यहां प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस पर जमकर ईंट-पत्थर चलाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन जब स्थिति नहीं संभली तो 10 राउंड से अधिक फायरिंग करनी पड़ी। पथराव के दौरान सीवान के एसपी पूरन झा के हाथ में चोट भी लग गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला और पुलिस बल के साथ डटे रहे। एहतियात के तौर पर शहर में इंटरनेट की गति भी धीमी कर दी गई।






इन 8 जिलों में दिखा बिहार बंद का उग्र रूप
यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश में इसका व्यापक असर देखने को मिला। पटना, छपरा, सीवान, भागलपुर, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, बेतिया और लखीसराय समेत आठ जिलों से पथराव और हंगामे की खबरें सामने आईं। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और दिनभर कई शहरों में तनाव का माहौल बना रहा। मधेपुरा और बेगूसराय जैसे अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन हुए।
पटना, छपरा और भागलपुर में हिंसक झड़पें
- छपरा: छात्रों का विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। कुछ प्रदर्शनकारी सरकारी भवन पर चढ़ गए और वहां लगे पोस्टर फाड़ दिए। बैरिकेडिंग हटाकर ले जाते हुए भी लोग दिखे। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के सड़क पर उतरने से यातायात प्रभावित हुआ, जिससे एक जज की गाड़ी भी जाम में फंस गई और कुछ देर तक अफरा-तफरी मची रही।
- भागलपुर: यहां भी प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी पर ईंट-पत्थर फेंके। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
- लखीसराय: आक्रोश मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पहले बहस हुई, फिर मामला झड़प तक पहुंच गया। पुलिस का आरोप है कि भीड़ की ओर से बोतल, चप्पल और ईंट-पत्थर फेंके गए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया।
- सीतामढ़ी: उग्र भीड़ ने एक भाजपा नेता के वाहन पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और अतिरिक्त बल तैनात किया।
- पटना: राजधानी में डाकबंगला चौराहा पूरे आंदोलन का मुख्य केंद्र रहा। यहां बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव भी हुआ, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया।
पुलिस की कड़ी चौकसी, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
मधेपुरा में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते रहे, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया। बेगूसराय में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया, जिससे पूरे प्रदर्शन की हवाई निगरानी की गई।
एसएसपी पटना ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की भी अपील की।
हिंसक घटनाओं के बाद कई जिलों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है और हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अधिकांश जगहों पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो।







