Bhagalpur Temple Theft: बिहार के भागलपुर में नाथनगर थाना क्षेत्र के शाहपुर कालिका मंदिर में हुई चांदी के आभूषण चोरी की घटना का पुलिस ने 17 दिन बाद पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, आभूषणों में से सिर्फ ढाई सौ ग्राम चांदी ही बरामद हो पाई है। पुलिस ने इस बड़ी सफलता के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इस संवेदनशील मामले के उद्भेदन के लिए डीएसपी-2 राकेश कुमार के नेतृत्व में डीआईयू (DIU) और एसटीएफ (STF) की एक टीम बनाई थी। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की गुत्थी सुलझा ली। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में ललमटिया और विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के लोग शामिल हैं।






तकनीकी जांच से खुला चोरी का राज, ऑटो चालक बना पहला सुराग
डीएसपी-2 राकेश कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि शाहपुर कालिका मंदिर चोरी मामले में पुलिस ने सबसे पहले तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया। इसी दौरान घटना में इस्तेमाल किए गए सीएनजी ऑटो का पता चला। इसके बाद पुलिस ने ऑटो चालक बादल कुमार को गिरफ्तार किया। बादल कुमार से हुई पूछताछ के बाद इस पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
बादल कुमार ने पुलिस को अंजनी कुमार, बिट्टू कुमार, राजू कुमार, सोनू कुमार और छबील कुमार जैसे अन्य साथियों के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने बारी-बारी से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सीएनजी ऑटो को भी बरामद कर लिया है।
मंदिर में सेंध लगाने वाला अंजनी दुबे और आभूषण बेचने वाला स्वर्णकार
जांच में सामने आया कि अंजनी दुबे नाम के आरोपी ने ही शाहपुर कालिका मंदिर में घुसकर ताला तोड़ा था और मूर्ति सहित अन्य सामान की चोरी की थी। चोरी की घटना के वक्त बादल ऑटो लेकर मंदिर के बाहर खड़ा था। चोरी के बाद, आरोपियों ने मूर्ति और कुछ सामान पीतांबर चौक स्थित एक झाड़ी में प्लास्टिक के बोरे में छिपा दिया था।
चोरी किए गए कुछ आभूषणों को छबील कुमार नाम के स्वर्णकार (सुनार) के पास बेच दिया गया था। पुलिस ने इस सुनार से दो टूटे हुए मुकुट और एक झांप बरामद किया है, जिसका कुल वजन लगभग ढाई सौ ग्राम बताया जा रहा है। इस टीम में नाथनगर इंस्पेक्टर अभय शंकर, कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह, सब इंस्पेक्टर नईम अहमद, विकास कुमार के साथ डीआईयू और एसटीएफ के सदस्य शामिल थे।
डीएसपी-2 राकेश कुमार ने बताया, “तकनीकी अनुसंधान के जरिए हमने पहले ऑटो का पता लगाया और फिर चालक बादल कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों को पकड़ा गया और कुछ आभूषण भी बरामद हुए।”
इस गिरफ्तारी से नाथनगर क्षेत्र में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर लोगों में विश्वास बढ़ा है। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







