Bihar Sawan: गुरुवार को बिहार में भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना सावन, कई दुर्लभ और शुभ योगों के साथ प्रारंभ हो गया। इस बार श्रावण नक्षत्र के साथ आयुष्मान योग और सौभाग्य योग का अद्भुत संयोग बना है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ऐसे शुभ मुहूर्त में उमा-महेश्वर की पूजा करने, व्रत रखने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन का यह पावन महीना 28 अगस्त तक चलेगा।
इस साल चार सावन सोमवार की तिथियां
इस वर्ष सावन के महीने में चार सोमवार पड़ेंगे, जिन्हें सावन सोमवार कहा जाता है। शिव भक्तों के लिए ये दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।






- पहला सोमवार: 3 अगस्त
- दूसरा सोमवार: 10 अगस्त
- तीसरा सोमवार: 17 अगस्त
- चौथा सोमवार: 24 अगस्त
इनमें से दो सोमवार कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते चरण) में और शेष दो शुक्ल पक्ष (चंद्रमा के बढ़ते चरण) में पड़ रहे हैं।
शिवलिंग पर जल चढ़ाने का कारण और मान्यताएं
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन सावन के महीने में ही हुआ था। इस दौरान ब्रह्मांड को बचाने के लिए भगवान शिव ने हलाहल नामक घातक विष का पान किया था, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और वे नीलकंठ कहलाए। माना जाता है कि देवताओं और देवियों ने विष के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव को जल अर्पित किया था। इसी कारण, सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाना पूजा के सबसे महत्वपूर्ण रूपों में से एक माना जाता है। शिव पुराण में भी जल को भगवान शिव से जुड़ा एक पवित्र चढ़ावा बताया गया है, और भक्त मानते हैं कि सावन में जलाभिषेक करने से आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं।
स्वास्थ्य और कल्याण के लिए विशेष अनुष्ठान
सावन के सोमवार को स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भी विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त लंबे समय से किसी बीमारी से राहत पाना चाहते हैं, वे शिवलिंग पर दूध और काले तिल मिश्रित जल से अभिषेक करते हैं, साथ ही ‘ॐ जूं सः’ मंत्र का जाप करते हैं।
इस महीने में महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी व्यापक रूप से किया जाता है। कई भक्त निर्धारित संख्या में इसका जाप करते हैं या धार्मिक अनुष्ठानों के हिस्से के रूप में इसका पाठ करवाते हैं। ऐसी मान्यता है कि यह सुरक्षा, शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है।
सावन का यह पवित्र महीना भक्तों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और अपने जीवन में सुख-समृद्धि लाने का अवसर प्रदान करता है। आने वाले दिनों में विभिन्न शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।








