Jale Rain: बिहार के जाले क्षेत्र में गुरुवार को हुई महज 15 मिनट की तेज बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है। श्रावण मास के पहले दिन सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई इस बौछार ने सूखे की मार झेल रही धान की फसल को नया जीवन प्रदान किया है। हालांकि, इस अल्पकालिक वर्षा से सड़कों पर जलजमाव भी हो गया, जिससे अतरवेल-जाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और राहगीरों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
धान की सूखती फसल को मिला जीवनदान
कई दिनों से बारिश न होने के कारण जाले के अधिकांश धान के खेत सूखने लगे थे। खेतों से पानी खत्म होने के बाद किसान खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे थे, क्योंकि उन्हें निजी नलकूपों से सिंचाई करने की चिंता सता रही थी। किसानों ने आशंका जताई थी कि यदि एक-दो दिन और बारिश नहीं होती तो उन्हें महंगा पानी खरीदकर सिंचाई करनी पड़ती।





किसानों ने बताया, ‘यदि एक-दो दिन और बारिश नहीं होती तो निजी नलकूप से सिंचाई करनी पड़ती। गुरुवार की बारिश से खेतों में जलजमाव हो गया है, जिससे धान के पौधों को नई ऊर्जा मिली है और किसानों ने राहत की सांस ली।’
मौसम हुआ सुहावना, किसानों की चिंता हुई दूर
गुरुवार की बारिश ने जहां एक ओर सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा की, वहीं दूसरी ओर मौसम को भी सुहावना बना दिया। सबसे बड़ी राहत धान के खेतों को मिली, जिनमें अब पानी भर गया है। इससे धान के पौधों को नई ऊर्जा मिली है और किसानों की सिंचाई संबंधी चिंताएं फिलहाल दूर हो गई हैं। यह बारिश ऐसे समय में हुई है जब किसानों को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, जिससे उनकी उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं।






