Bihar EOU Raid: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सासाराम के लघु सिंचाई प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत अरविन्द कुमार चौधरी के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। प्रारंभिक जांच में ईओयू को उनकी ज्ञात आय से 85.05 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इस छापेमारी में 9 लाख रुपये नकद, 500 ग्राम स्वर्ण आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
करोड़ों की संपत्ति का खुलासा: दानापुर में दो आलीशान फ्लैट
जांच के दौरान, दानापुर स्थित वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या-405 और वीनस इम्पायर के फ्लैट संख्या-1301 के दस्तावेज मिले हैं। ये दोनों फ्लैट भव्य और आलीशान बताए जा रहे हैं, जिनकी साज-सज्जा पर हुए खर्च का मूल्यांकन अभी बाकी है। मुजफ्फरपुर और डेहरी ऑन सोन स्थित परिसरों से करीब नौ लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा, फोर्ड इकोस्पोर्ट कार और एक मोटरसाइकिल की खरीद से जुड़े कागजात भी मिले हैं।






ईओयू ने दावा किया है कि प्रारंभिक जांच में अभियंता द्वारा अपनी ज्ञात आय से 85.05 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं।
आर्थिक अपराध इकाई को अरविन्द कुमार चौधरी और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों के 21 बैंक पासबुक और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े अभिलेख मिले हैं। इन बैंक खातों और एफडी में लगभग 25 लाख रुपये जमा पाए गए हैं, जिन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भारतीय जीवन बीमा निगम सहित अन्य कंपनियों की 17 बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज और निवेश से जुड़े बड़ी संख्या में अन्य अभिलेख भी बरामद किए गए हैं। एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी ली जा रही है।
बांका से सासाराम तक का सफर: इंजीनियर का सर्विस रिकॉर्ड
अरविन्द कुमार चौधरी मूल रूप से बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के पीपराडीह गांव के निवासी हैं। उन्होंने मार्च 2014 में सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर सरकारी सेवा में अपना करियर शुरू किया था। अपनी सेवा के दौरान, वे औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, नवादा, किशनगंज और पटना सहित कई जिलों में पदस्थापित रहे। वर्तमान में वह सासाराम के लघु सिंचाई प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं। यह छापेमारी माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद की गई है।
ईओयू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत कांड संख्या-15/26 दिनांक 29 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया है। छापेमारी के छह ठिकानों में दानापुर के दोनों फ्लैट, मुजफ्फरपुर स्थित उनका ससुराल, सासाराम स्थित कार्यालय, डेहरी ऑन सोन का सरकारी आवास और बांका स्थित उनका पैतृक मकान शामिल हैं। ईओयू ने इस पूरे मामले की जानकारी लघु जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार को भी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद दस्तावेजों की गहन जांच जारी है और आशंका है कि आय से अधिक संपत्ति का यह दायरा और भी बढ़ सकता है।








