Patna Exam Cheating: बिहार में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच राजधानी पटना में एक बड़े नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) द्वारा आयोजित होमगार्ड हवलदार प्रशिक्षक (रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग अधिनायक अनुदेशक) की लिखित परीक्षा में धांधली का प्रयास किया जा रहा था। परीक्षा केंद्र पर सतर्कता के कारण एक सुनियोजित नकल रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जो अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर पास कराने की साजिश रच रहा था।
कैसे हुआ खुलासा? बाथरूम में छिपा था नकल का राज
यह घटना बुधवार, 29 जुलाई 2026 को शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित राजकीय बालक उच्च विद्यालय के परीक्षा केंद्र पर हुई। प्रशासन को कदाचार की सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान, बाथरूम के पास एक संदिग्ध बाहरी व्यक्ति को पकड़ा गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन और एक मिनी प्रिंटर बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे रैकेट का खुलासा हुआ।






जांच में सामने आया कि एक ‘सालवर’ को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिलाया गया था। उसने बाथरूम में मिनी प्रिंटर छिपा रखा था। बाहर से मोबाइल के माध्यम से अभ्यर्थियों के रोल नंबर भेजे जाते थे। इन्हीं रोल नंबरों के आधार पर छोटे-छोटे प्रिंटेड चिट निकाले जाते थे, जिन्हें संबंधित अभ्यर्थियों तक पहुंचाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से कुल चार से पांच मोबाइल फोन और दो मिनी प्रिंटर जब्त किए। एक वीक्षक (सुपरवाइजर) के मोबाइल से भी कदाचार के साक्ष्य मिले हैं, जो इस साजिश में उसकी संलिप्तता को दर्शाता है।
एक अभ्यर्थी से 5 लाख तक की डील, 10 आरोपी गिरफ्तार
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नकल रैकेट के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से चार से पांच लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलने की बात तय हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कुल दस लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें परीक्षा केंद्र का एक वीक्षक, एक सालवर और एक महिला भी शामिल है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस खुलासे ने सरकारी परीक्षाओं की शुचिता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिल सकती है और ऐसे नकल माफियाओं पर लगाम लग सकेगी। आगे की जांच जारी है और इसमें और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।








