Bihar Bridge: बिहार के जमुई जिले को राज्य सरकार ने कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए एक बड़ी सौगात दी है। लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से दो आधुनिक पुलों के निर्माण को मंजूरी मिल गई है, जिससे बरसात के मौसम में आवागमन की पुरानी समस्या खत्म हो जाएगी। इन नए पुलों के बनने से स्थानीय लोगों को भारी राहत मिलेगी और जिले के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी।
पहला पुल: नरियाना घाट पर किउल नदी पर विशाल निर्माण
पहली परियोजना के तहत एनएच-333ए पर खैरा-सोनो मार्ग के 72वें किलोमीटर पर नरियाना घाट में किउल नदी पर एक नया आरसीसी पुल बनाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पर लगभग 93.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह नया पुल बनने के बाद न सिर्फ स्थानीय लोगों का सफर आसान और सुरक्षित होगा, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही भी पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।






मांगोबंदर में सुकनर नदी पर दूसरा अत्याधुनिक बिहार Bridge
दूसरी बड़ी परियोजना के तहत खैरा-सोनो रास्ते के 80वें किलोमीटर पर मांगोबंदर में सुकनर नदी पर पुराने पुल की जगह एक और आधुनिक पुल का निर्माण होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने लगभग 55.96 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो जमुई जिले के लिए एक बड़ा निवेश है।
जमुई के लोगों को मिलेगी बड़ी राहत और विकास की रफ्तार
इन पुलों के बनने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बारिश के दिनों में आवागमन बाधित होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। लोगों का बहुमूल्य समय बचेगा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और जिले के अलग-अलग हिस्सों के बीच संपर्क पहले से अधिक मजबूत होगा। इसके साथ ही, व्यापार, माल ढुलाई और स्थानीय बाजारों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल जमुई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








