Gaya Mob Lynching: बिहार के गया जिले में कानून व्यवस्था को तार-तार करती एक बड़ी घटना सामने आई है। शेरघाटी थाना क्षेत्र के झौर गांव में चोरी के शक में ग्रामीणों ने एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला। गुरुवार रात हुई इस बर्बर घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
चोरी के आरोप में भीड़ का खौफनाक इंसाफ
यह दर्दनाक घटना गुरुवार की रात तब हुई जब झौर गांव निवासी 20 वर्षीय पंकज उर्फ बंडा मांझी, जो कुलेश्वर मांझी के पुत्र थे, कथित तौर पर एक घर में चोरी की नीयत से घुसे। ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और इसके बाद जो हुआ वह बेहद भयावह था। आक्रोशित भीड़ ने पंकज को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।






पिटाई इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर मॉब लिंचिंग की बढ़ती वारदातों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक पंकज उर्फ बंडा मांझी के शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, “मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।”
ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, वहीं पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मॉब लिंचिंग में कौन-कौन लोग शामिल थे। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि कानून को अपने हाथ में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।








