Bhagalpur Crime News: बिहार के भागलपुर जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। कजरैली थाना क्षेत्र के रहमानीगंज के समीप बेखौफ बदमाशों ने एक बर्तन दुकानदार को उसकी दुकान में घुसकर गोली मार दी। इस हमले में दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक हमलावर को मौके पर ही धर दबोचा, जबकि उसके दो साथी बाइक छोड़कर फरार होने में कामयाब रहे। यह पूरा मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है।
दुकान में सो रहे दुकानदार पर दागीं तीन गोलियां
घायल दुकानदार की पहचान 37 वर्षीय रंजीत वर्मा के रूप में हुई है, जो गोराडीह थाना क्षेत्र का निवासी है। जानकारी के अनुसार, रंजीत पिछले लगभग एक वर्ष से कजरैली थाना क्षेत्र के गौरचौकी में घर बनाकर परिवार के साथ रह रहा था और वहीं बर्तन की दुकान चलाता था। शनिवार देर रात दुकान बंद करने के बाद रंजीत दुकान के अंदर ही सो गया था, जबकि उसके पिता बासुदेव वर्मा दुकान के बाहर सो रहे थे। रात करीब दो बजे तीन हथियारबंद बदमाश बाइक पर सवार होकर दुकान पर पहुंचे और रंजीत से दुकान खुलवाई। दुकान खुलते ही बदमाशों ने उसपर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। एक गोली रंजीत की कनपटी को छूकर निकल गई, जबकि अन्य गोलियां लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।






एक बदमाश गिरफ्तार, दो फरार; पुलिस कर रही छापेमारी
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए। लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए एक हमलावर को पकड़ लिया, लेकिन उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर बाइक छोड़कर भाग निकले। सूचना मिलते ही कजरैली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को हिरासत में लिया और घायल रंजीत को तुरंत इलाज के लिए मायागंज अस्पताल भेजा, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
रंजीत के पिता बासुदेव वर्मा ने बताया कि उनके गांव गोराडीह में घर के सामने रहने वाले कुछ लोगों से उनका पुराना विवाद चल रहा था। उन्हें आशंका है कि इसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
कजरैली थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी प्रतीत हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि घायल रंजीत वर्मा पूर्व में गोराडीह के चर्चित सुमेश मंडल हत्याकांड का आरोपी रह चुका है और इस मामले में वह करीब एक वर्ष तक जेल में भी बंद रहा था। पुलिस फिलहाल फरार हुए दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।








