Bihar Railway: बिहार में रेल सुविधाओं और यात्री सेवाओं में सुधार के लिए राज्य के दो प्रमुख रेल यात्री संगठनों ने हाथ मिलाया है। इन संगठनों ने पटना से दिल्ली और बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन सेवाओं सहित पूरे राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की मांग की है। यह महत्वपूर्ण निर्णय रविवार को पटना के गेट पब्लिक लाइब्रेरी एंड इंस्टीट्यूट में आयोजित बिहार दैनिक यात्री संघ की 34वीं राज्य स्तरीय बैठक में लिया गया। इस बैठक में बिहार रेल उपभोक्ता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। फुलवारीशरीफ विधायक श्याम रजक ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
रेल विकास के लिए एकजुट हुए संगठन
दोनों संगठनों ने संयुक्त रूप से पूरे बिहार में बेहतर रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं की वकालत करने का संकल्प लिया है। बैठक में कई लंबित रेलवे प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिन्हें रेलवे अधिकारियों के साथ भविष्य की बातचीत के लिए प्राथमिकता के तौर पर चिह्नित किया गया। यह एकजुटता राज्य के रेल यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






प्रमुख मांगें और प्रस्ताव
बैठक में जिन प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा हुई, उनमें कई अहम बिंदु शामिल हैं:
- पी.जी. लाइन के माध्यम से पटना-दिल्ली के लिए एक नई ट्रेन का परिचालन शुरू किया जाए।
- पी.जी. लाइन के माध्यम से पटना-बेंगलुरु के लिए एक नई ट्रेन शुरू की जाए।
- प्रस्तावित पटना उपनगरीय रेल परियोजना के लिए राज्य सरकार की मंजूरी मिले।
- प्रस्तावित हार्डिंग पार्क टर्मिनल के काम में तेजी लाई जाए।
- रेलवे चौगुनीकरण (quadrupling) के कार्यों को शीघ्र शुरू किया जाए।
- दानापुर-पूर्णिया कोर्ट के बीच एक रात भर चलने वाली ट्रेन शुरू की जाए।
- कई विशेष ट्रेन सेवाओं की पुष्टि की जाए।
- चयनित ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ठहराव (stoppages) को मंजूरी दी जाए।
- बिहार के रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
केंद्रीय रेल मंत्रालय से मुलाकात की तैयारी
बैठक के दौरान विधायक श्याम रजक ने बताया कि इन मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार, श्याम रजक और उनकी टीम केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलने और महाप्रबंधक सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ चर्चा करने की योजना बना रही है, ताकि प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई की जा सके। दोनों संगठनों ने यह भी कहा कि वे बिहार के रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने और राज्य भर के यात्रियों के लिए यात्रा सुविधाओं में सुधार के अपने प्रयासों में समन्वय जारी रखेंगे। यह पहल बिहार के लाखों रेल यात्रियों के लिए एक बेहतर भविष्य की उम्मीद जगाती है।








