Kusheshwarasthan Shravani Mela: हर-हर महादेव के जयघोष के साथ कुशेश्वरस्थान पूर्वी में श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ हो गया है। रविवार को मिथिला के देवघर बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय कुशेश्वर’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। न्यास समिति के अध्यक्ष शशांक राज और उपाध्यक्ष प्रभाकर तिवारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस धार्मिक आयोजन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक अमन भूषण हजारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिनमें भारी उत्साह देखा गया।
उद्घाटन समारोह में न्यास समिति की कोषाध्यक्ष कविता कुमारी ने बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव के नाम ₹21,000 का चेक श्रद्धापूर्वक समर्पित किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की। मेले के शुभारंभ के साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। भक्त शिवगंगा में स्नान कर कतारबद्ध होकर बाबा का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन कर रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, और श्रद्धालुओं की सुविधा-सुरक्षा के लिए प्रशासन एवं न्यास समिति द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं।






पहली सोमवारी के लिए व्यापक इंतजाम: सुरक्षा से सुविधा तक
सावन की पहली सोमवारी के लिए बाबा कुशेश्वरनाथ धाम पूरी तरह तैयार है। प्रशासन, मंदिर न्यास समिति और पुलिस विभाग ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम जलाभिषेक यात्रा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। अनुमान है कि सोमवार को सुबह से ही लगभग एक लाख श्रद्धालु बाबा कुशेश्वरनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार विशेष व्यवस्था की गई है। शिवभक्त सबसे पहले शिवगंगा पोखर में स्नान करेंगे। इसके बाद घुमावदार बैरिकेडिंग से होते हुए चरणकूप तक पहुंचेंगे, जहां से जल भरकर मंदिर के मुख्य द्वार पर लगाए गए विशेष अरघा के माध्यम से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालु मंदिर के पश्चिमी द्वार से बाहर निकलेंगे, ताकि भीड़ का दबाव कम हो और दर्शन-पूजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके लिए कुल नौ स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं। इन बैरियरों में धवौलिया स्कूल, धवौलिया पुल, हजारी चौक, थाना के समीप अंबेडकर चौक, असमा गांव, असमा पुल, पांरो चौक और सतिघाट शामिल हैं। प्रत्येक बैरियर पर दंडाधिकारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
पूरे मेला क्षेत्र में 67 चिन्हित स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 56 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब 400 पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शिवगंगा घाट पर दो चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। शिवगंगा पोखर में स्नान करने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ और आपदा मित्रों की टीम लगातार तैनात रहेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट सहित तीन स्थानों पर मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस भी तैयार रखी गई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें, बैरिकेडिंग व्यवस्था का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें। सभी विभागों के समन्वय से ऐसी व्यवस्था की गई है, जिससे पहली सोमवारी पर बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक कर सकें।
यह भव्य आयोजन और व्यापक इंतजाम इस बात का प्रमाण है कि दरभंगा में भक्ति और व्यवस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी भक्त बिना किसी परेशानी के बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें और श्रावणी मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो।








