Madhubani Fake Currency मधुबनी में भारतीय नोटों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़- मिला नोटों का जखीरा! 5 लाख के नकली करेंसी के साथ पकड़े गए दो तस्कर, ऐसे हुआ खुलासा
: बिहार के मधुबनी जिले में जाली भारतीय नोटों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और बिहार विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त कार्रवाई में रविवार को पांच लाख रुपये के नकली नोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई बासोपट्टी थाना क्षेत्र के दूहबी बाजार में हुई, जहां लंबे समय से सक्रिय जाली नोटों के तस्करों को दबोचा गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भरत महासेठ और उसके रिश्तेदार शिवकुमार राउत के रूप में हुई है।






मधुबनी में 5 लाख के जाली नोटों के साथ पकड़े गए दो लोग, अब खुलेंगे बड़े राज!
Bihar Fake Currency: बिहार में जाली नोटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। मधुबनी जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और बिहार विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने पांच लाख रुपये के जाली भारतीय नोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रविवार, 02 अगस्त, 2026 की दोपहर बासोपट्टी थाना क्षेत्र में हुई, जिसने इलाके में लंबे समय से चल रहे जाली नोटों के रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी और एसटीएफ की टीम ने दूहबी बाजार में छापेमारी की। इस दौरान भरत महासेठ और उसके रिश्तेदार शिवकुमार राउत को रंगे हाथों पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से पांच लाख रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद हुए, जो उनकी अवैध गतिविधियों का पुख्ता प्रमाण है।
मधुबनी में जाली नोटों का बड़ा रैकेट बेनकाब
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी लंबे समय से जाली नोटों की तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। इस गिरोह का संचालन बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों को नुकसान पहुंच रहा था।
एसटीएफ और एसएसबी की सटीक रणनीति
बिहार एसटीएफ को इस जाली नोटों के गिरोह के बारे में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए, एसटीएफ ने एसएसबी के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान की योजना बनाई। इस सटीक रणनीति के परिणामस्वरूप ही रविवार को यह बड़ी गिरफ्तारी संभव हो पाई और जाली नोटों की खेप पकड़ी जा सकी।
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस अब विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क के सरगना और अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यह कार्रवाई बिहार में जाली नोटों के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जाली नोटों के काले कारोबार का पर्दाफाश
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर आज दोपहर एसएसबी और एसटीएफ की एक संयुक्त टीम ने बासोपट्टी थाना क्षेत्र के दूहबी बाजार में छापेमारी की। इस दौरान भरत महासेठ और शिवकुमार राउत को मौके से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल पांच लाख रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद हुए। यह कार्रवाई मधुबनी फेक करेंसी के कारोबार में लिप्त लोगों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
लंबे समय से सक्रिय थे आरोपी, एसटीएफ को मिल रही थी सूचना
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी लंबे समय से जाली नोटों की तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। बिहार एसटीएफ को इस संबंध में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद एसएसबी के सहयोग से एक ठोस रणनीति बनाकर इस संयुक्त अभियान को अंजाम दिया गया। इस सफलता से बिहार एसटीएफ ने अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस जाली नोट नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उनके अन्य साथियों और इस पूरे सिंडिकेट के स्रोत का पता लगाया जा सके। यह छापेमारी जाली नोटों के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आम जनता को होने वाले आर्थिक नुकसान को रोका जा सकेगा।








