Bihar Krishi Vishwavidyalaya: भागलपुर के सबौर में स्थित भागलपुर बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने अपना 17वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित गरिमामय समारोह में विश्वविद्यालय की 16 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया, जिसने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में मील के पत्थर स्थापित किए हैं। यह आयोजन किसानों की आय और उत्पादन बढ़ाने में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
कृषि मंत्री श्रवण कुमार ने गिनाईं उपलब्धियां
समारोह के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2010 में स्थापित बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने बीते 16 वर्षों में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालय लगातार नए-नए प्रयोग कर किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध करा रहा है।






इन प्रयासों से किसानों की आय और उत्पादन दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बिहार सरकार के कृषि रोडमैप के तहत हो रहे कार्यों का भी जिक्र किया, जिसके परिणामस्वरूप राज्य ने कृषि उत्पादन में कई नई ऊंचाइयां छुई हैं। धान और दलहन उत्पादन में भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
राज्यपाल का वर्चुअल संबोधन, जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद
विश्वविद्यालय परिसर में हुए इस कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने वर्चुअल माध्यम से किया, जिन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भागलपुर सांसद अजय मंडल और कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश शुड्डू साईं सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इनके साथ ही कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद, प्रगतिशील किसान, पूर्व छात्र और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी समारोह का हिस्सा बने। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय किसानों के उत्थान और राज्य की कृषि समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में भी यह संस्थान उन्नत कृषि तकनीकों और शोध के माध्यम से बिहार के कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा, जिससे अन्नदाताओं को सीधा लाभ मिलेगा।








