Kya Bolti Public Abhiyan: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अगले महीने से एक बड़ा देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान का नाम ‘क्या बोलती पब्लिक’ रखा गया है, जिसके तहत संगठन आम लोगों से सीधे संवाद करेगा।
यह ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान सीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब सीजेपी के भीतर आंतरिक मतभेद और दीपके पर पद बांटने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।






अभिजीत दीपके ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए बताया कि ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान देश के विभिन्न राज्यों में चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर जनता की समस्याओं को समझना और उनकी आवाज़ उठाना है। संगठन का यह कदम, आंतरिक कलह के बावजूद जनता से जुड़ने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
फोकस जनता की समस्याओं पर, चुनावी राजनीति से दूरी
दीपके ने स्पष्ट किया कि सीजेपी को फिलहाल राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कराने या चुनावी राजनीति में उतरने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका संगठन एक ‘प्रेशर ग्रुप’ के तौर पर काम करेगा। इसका मतलब है कि सीजेपी जनता के मुद्दों पर सरकार पर दबाव बनाएगी, लेकिन खुद चुनाव नहीं लड़ेगी। यह घोषणा संगठन की भविष्य की दिशा को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाती है।
”हमारा मकसद सिर्फ आम जनता की समस्याओं को समझना और उन्हें मंच देना है। सीजेपी का लक्ष्य चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि एक मजबूत ‘प्रेशर ग्रुप’ के तौर पर काम करना है।”
अभिजीत दीपके, संस्थापक, सीजेपी
आंतरिक मतभेदों और आरोपों का सच
सीजेपी के भीतर पिछले कुछ समय से दरार की खबरें आ रही थीं। संगठन के कुछ सदस्यों ने अभिजीत दीपके पर मनमाने ढंग से पद बांटने और एकतरफा फैसले लेने के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि संगठन की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, दीपके का यह नया ऐलान दिखाता है कि वह इन मतभेदों से अप्रभावित होकर अपने एजेंडे पर आगे बढ़ रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान आंतरिक कलह को कैसे प्रभावित करता है।
यह ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान सीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका परिणाम यह तय करेगा कि संगठन जनता के बीच अपनी पैठ कितनी मजबूत कर पाता है और आंतरिक चुनौतियों के बावजूद अपने लक्ष्यों को कितना हासिल कर पाता है।








