Bihar Cabinet: बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, पंचायती राज मंत्री बिहार विधान परिषद के सदस्य के रूप में आज शाम 5 बजे शपथ लेंगे। मंत्री दीपक प्रकाश पिछले आठ महीनों से किसी भी सदन के सदस्य रहे बिना ही मंत्री पद पर बने हुए थे, जिसे लेकर कई सवाल उठ रहे थे। अब इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनकी संवैधानिक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
क्यों अहम है दीपक प्रकाश का मनोनयन?
दीपक प्रकाश को राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह सीट भाजपा एमएलसी देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। यह मनोनयन दीपक प्रकाश के लिए बेहद अहम है, क्योंकि संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति छह महीने से अधिक समय तक बिना किसी सदन का सदस्य रहे मंत्री पद पर नहीं रह सकता। इस शपथ के बाद, बिहार कैबिनेट के सदस्य दीपक प्रकाश उच्च सदन के सदस्य बन जाएंगे।






उपेंद्र कुशवाहा ने जताया आभार
मंत्री दीपक प्रकाश के एमएलसी बनने पर आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस मनोनयन के लिए एनडीए के कई शीर्ष नेताओं का आभार व्यक्त किया। उपेंद्र कुशवाहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को धन्यवाद दिया।
उपेंद्र कुशवाहा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए अपने बेटे दीपक प्रकाश के एमएलसी बनने की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने राज्यपाल द्वारा जारी बिहार विधान परिषद के सदस्य के मनोनयन संबंधी अधिसूचना की कॉपी भी साझा की और सभी संबंधित नेताओं का आभार व्यक्त किया।
आगे क्या?
आज शाम होने वाला शपथ ग्रहण समारोह दीपक प्रकाश के राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय जोड़ेगा। इसके साथ ही, बिहार सरकार में उनकी स्थिति और मजबूत होगी, और वे उच्च सदन के सदस्य के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। यह घटनाक्रम बिहार की मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में भी एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में देखा जा रहा है।








