Bhagalpur Development: भागलपुर जिले में किसानों और दुग्ध उत्पादकों के लिए एक बड़ी पहल की गई है. जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने सब्जी प्रसंस्करण इकाइयों और दुग्ध उत्पादों के खुदरा आउटलेट की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है. 06 अगस्त 2026 को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में, उन्होंने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन (वेजफेड) और कॉम्फेड से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न प्रखंडों में इन आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना था. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन की व्यवस्था करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उपयुक्त भूमि का समय पर मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है.






सब्जी प्रसंस्करण इकाइयों के लिए भूमि अधिग्रहण तेज
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वेजफेड द्वारा जिले के कई प्रखंडों में सब्जी प्रसंस्करण से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित है. इनमें भागलपुर के नाथनगर, जगदीशपुर, सुल्तानगंज और गौराडीह जैसे प्रखंड शामिल हैं. इस पर जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने संबंधित अंचलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे विभागीय मानकों के अनुरूप जल्द से जल्द सरकारी भूमि का चिन्हीकरण करें. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए.
बैठक में नाथनगर अंचल से संबंधित भूमि की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जहां उपलब्ध कराई गई भूमि विभागीय मापदंडों के अनुरूप नहीं पाई गई. इस पर जिलाधिकारी ने नाथनगर के अंचलाधिकारी को तत्काल वैकल्पिक और उपयुक्त भूमि का चयन कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए.
कॉम्फेड के रिटेल आउटलेट को भी मिलेगी जमीन
बैठक में कॉम्फेड ने भी जिले में दुग्ध और दुग्ध उत्पादों के खुदरा आउटलेट स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कॉम्फेड की योजनाओं के लिए भी जल्द से जल्द भूमि चिन्हित करें. इससे आम उपभोक्ताओं और दुग्ध उत्पादकों तक कॉम्फेड के उत्पादों का लाभ समय पर पहुंच सकेगा.
जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने कहा, ‘इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले के किसानों, सब्जी उत्पादकों एवं दुग्ध उत्पादकों को अपनी उपज के बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.’
सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे भूमि उपलब्धता से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें. साथ ही, विभागीय समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए. इन प्रयासों से भागलपुर जिले में कृषि और दुग्ध क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी.








