Bihar Senior Citizens: बिहार में वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज कल्याण विभाग की मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने घोषणा की है कि कैबिनेट ने 139 नए वृद्धाश्रमों के निर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, अस्पतालों और बैंकों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
डॉ. श्वेता गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों की राज्य परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि, ‘बुजुर्गों की सेवा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वृद्धाश्रमों की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।’ उन्होंने यह भी बताया कि उचित भूमि उपलब्ध होते ही इन नए वृद्धाश्रमों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे बिहार के बुजुर्गों को बेहतर आश्रय और देखभाल मिल सकेगी।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं
समाज कल्याण विभाग द्वारा 12 अगस्त, 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति (स०क० /प्रेस विज्ञप्ति- 05) के अनुसार, यह बैठक बिहार माता- पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण- पोषण तथा कल्याण नियमावली, 2012 के तहत आयोजित की गई थी। बैठक में गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वित्त विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रतिनिधियों के साथ-साथ परिषद के कई सम्मानित सदस्य भी मौजूद थे। अपर मुख्य सचिव श्री एच आर श्रीनिवास ने मंत्री का स्वागत किया और पिछली बैठक की कार्यवाही की जानकारी दी।
बैठक के दौरान, सदस्यों ने ‘पेड ओल्ड एज होम’ और व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर सुझाव दिए। इस पर मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि:
‘बिहार की परंपरा रही है कि लोग अपने वृद्ध माता-पिता को सम्मानपूर्वक अपने साथ घर में रखते हैं। इसलिए हमारी सरकार का मुख्य फोकस पहले से मौजूद वृद्धाश्रमों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चलाने पर है।’
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि निजी क्षेत्र को ‘पेड ओल्ड एज होम’ की दिशा में पहल करनी चाहिए।
अस्पतालों और बैंकों में मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में कुछ सदस्यों ने वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की देखभाल को लेकर चिंता व्यक्त की। इस पर डॉ. श्वेता गुप्ता ने अपने हालिया पटना के गुलजारबाग स्थित वृद्धाश्रम के औचक निरीक्षण का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वहां के बुजुर्ग बहुत खुश और संतुष्ट दिखे और उन्होंने स्वयं अच्छी देखभाल, समय पर दवाइयां और आत्मीयता मिलने की बात कही।
मंत्री ने बच्चों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। एक सदस्य ने सुझाव दिया कि शिक्षा विभाग के साथ समन्वय करके स्कूली स्तर पर ‘नैतिक शिक्षा’ को बढ़ावा देना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी में बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके। डॉ. श्वेता गुप्ता ने इस विचार पर गहरी सहमति व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों, बैंकों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग लाइन, विशेष काउंटर और अलग वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी गंभीरता से चर्चा हुई।
भविष्य में भी होती रहेंगी ऐसी बैठकें
डॉ. श्वेता गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि बुजुर्गों की समस्याओं को समझने और उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसी बैठकें लगातार आयोजित की जाती रहेंगी। बैठक के अंत में, निदेशक, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। ये सभी कदम बिहार के बुजुर्गों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।








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