Bihar Polymer Notes: केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। इस कदम से बिहार समेत पूरे देश में मुद्रा के टिकाऊपन और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद जगी है। शुरुआती चरण में, दोनों मूल्यवर्ग के एक-एक अरब पॉलीमर नोट परीक्षण के तौर पर बाजार में उतारे जाएंगे।
अब और मजबूत होंगे आपके 10 और 20 रुपये के नोट
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड ने सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद यह मंजूरी मिली है। पॉलीमर नोट विशेष प्रकार की प्लास्टिक सामग्री से बनाए जाते हैं, जो इन्हें कागजी नोटों की तुलना में काफी अधिक टिकाऊ बनाते हैं। इनमें नकली नोटों की पहचान करने वाली सुरक्षा संबंधी विशेषताएं भी बेहतर तरीके से शामिल की जा सकती हैं।

क्या तुरंत बंद हो जाएंगे कागजी नोट? RBI ने दी बड़ी जानकारी
RBI ने इस संबंध में एक अहम स्पष्टीकरण दिया है। रिजर्व बैंक के अनुसार, पॉलीमर नोटों को फिलहाल कागज आधारित बैंक नोटों के साथ ही जारी करने का प्रस्ताव है। इसका सीधा मतलब है कि शुरुआती दौर में प्लास्टिक नोट मौजूदा कागजी नोटों का स्थान नहीं लेंगे, बल्कि उनके समानांतर चलेंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि आम जनता को नए नोटों के साथ सामंजस्य बिठाने में कोई परेशानी न हो।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बताया, ‘भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के आधार पर सरकार को यह प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें 10 और 20 रुपये के एक-एक अरब पॉलीमर बैंक नोटों को फील्ड ट्रायल के तौर पर जारी करने की बात कही गई थी।’
RBI ने यह भी बताया है कि पॉलीमर बैंक नोटों की खरीद प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। यदि यह फील्ड ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों की नियमित आपूर्ति शुरू की जा सकती है। इससे फटे-पुराने और गंदे नोटों की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी, जिससे मुद्रा प्रबंधन और भी कुशल बनेगा।







