Jale Power Cut: गर्मी के तेवर तीखे होते ही जाले नगर परिषद क्षेत्र में बिजली की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस गंभीर स्थिति से परेशान होकर नगर परिषद सभापति पिंटू कुमार मेहता ने बिजली विभाग और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को एक आवेदन सौंपा है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से बिजली आपूर्ति को नियमित और सुचारु बनाने, साथ ही लो वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
सभापति ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो वे जनहित में नागरिकों के साथ मिलकर विद्युत विभाग के कार्यालय के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।

सभापति की दो टूक चेतावनी: आंदोलन को मजबूर होंगे लोग
पिंटू कुमार मेहता ने अपने आवेदन में इस बात पर जोर दिया कि भीषण गर्मी के दौरान बार-बार बिजली गुल होने और लो वोल्टेज की समस्या से लोग बेहद परेशान हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों में पानी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। इसके अलावा, विद्यार्थियों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है, व्यापारिक प्रतिष्ठानों का कामकाज ठप हो रहा है और अन्य आवश्यक सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
सभापति पिंटू कुमार मेहता ने कहा, “बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं होने पर जनहित में नगर परिषद क्षेत्र के नागरिकों के साथ विद्युत विभाग के कार्यालय के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। इसकी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।”
जाले में बिजली संकट गहराने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और सभापति की यह चेतावनी विभाग पर दबाव बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आखिर क्यों बाधित हो रही बिजली आपूर्ति? जेई ने बताई वजह
इधर, विद्युत विभाग के जेई कुमार गौरव ने सभापति की ओर से आवेदन दिए जाने की सूचना मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि जाले पावर सब स्टेशन से जानबूझकर विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं की जाती है। जेई के अनुसार, बिजली आपूर्ति में खराबी आने या कहीं आग लगने की सूचना मिलने पर ही आपूर्ति रोकी जाती है।
कुमार गौरव ने बताया कि विभाग द्वारा ऐसी सूचनाएं देने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले दो दिनों से ऊपर से ही लोड सेटिंग का काम चल रहा था, जिसके कारण बिहार में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। हालांकि, नागरिकों का कहना है कि यह समस्या केवल दो दिनों की नहीं, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है।
जाले में बिजली-पानी संकट से हाहाकार! क्या सड़क पर उतरेंगे लोग? सभापति ने दी विभाग को खुली चेतावनी
Jale Electricity: बिहार के जाले नगर परिषद क्षेत्र में बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच लगातार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर परिषद सभापति पिंटू कुमार मेहता ने बिजली विभाग को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने विभाग के कार्यालय में आवेदन देकर तत्काल सुधार की मांग की है और ऐसा न होने पर बड़े आंदोलन की धमकी भी दे डाली है।
सभापति पिंटू कुमार मेहता ने अपने आवेदन में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और बिजली विभाग से मांग की है कि जाले क्षेत्र में नियमित और सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लो वोल्टेज की समस्या का भी स्थायी समाधान करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि बार-बार बिजली गुल होने से घरों में पानी की भीषण किल्लत हो गई है। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है, वहीं व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अन्य आवश्यक सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
बिजली विभाग को मिली आंदोलन की चेतावनी
सभापति मेहता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो जनहित में नगर परिषद क्षेत्र के नागरिकों के साथ मिलकर विद्युत विभाग के कार्यालय के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। इस बयान से विभाग पर दबाव काफी बढ़ गया है, क्योंकि जनता की परेशानी अब सीधे आंदोलन में बदलने की कगार पर है।
सभापति पिंटू कुमार मेहता ने कहा, “बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं होने पर जनहित में नगर परिषद क्षेत्र के नागरिकों के साथ विद्युत विभाग के कार्यालय के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। इसकी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।”
जेई ने बताया लोड सेटिंग को वजह
वहीं, इस मामले पर विद्युत विभाग के जेई कुमार गौरव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें सभापति की ओर से आवेदन दिए जाने की सूचना मिली है। जेई गौरव ने सफाई देते हुए कहा कि जाले पावर सब स्टेशन से जानबूझकर विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं की जाती है। उनके अनुसार, बिजली आपूर्ति में खराबी आने या कहीं आग लगने की सूचना मिलने पर ही बिजली काटी जाती है।
जेई कुमार गौरव ने बताया कि विभाग द्वारा बिजली कटौती की सूचना देने के लिए एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। उन्होंने हालिया बिजली संकट का कारण बताते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से ऊपर से ही लोड सेटिंग का काम चल रहा था, जिस वजह से जाले में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। हालांकि, नागरिकों का कहना है कि यह समस्या सिर्फ दो दिन की नहीं, बल्कि लगातार बनी हुई है।
जाले में बिजली और पानी संकट से जूझ रहे लोगों की उम्मीदें अब इस चेतावनी पर टिकी हैं। यदि बिजली विभाग जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो नगर परिषद सभापति की अगुवाई में बड़ा जन आंदोलन देखने को मिल सकता है, जिससे भीषण गर्मी में विभाग की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
जाले के नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि सभापति के इस कदम के बाद बिजली विभाग उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देगा और जल्द ही उन्हें नियमित व पर्याप्त बिजली आपूर्ति मिल पाएगी। अगर ऐसा नहीं होता है, तो आंदोलन की राह पर चलना उनकी मजबूरी होगी।







