Bihar Fake Currency: बिहार में नकली नोटों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने जालसाजी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 2.48 लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए गए हैं। इस गिरफ्तारी में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में एक सरकारी स्कूल का शिक्षक भी शामिल है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मदनपुर पुलिस को शुक्रवार रात मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने जाल बिछाकर दो लोगों को रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने जाली नोट के इस धंधे में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
बिहार में टीचर के पास निकला लाखों का नकली नोटों का पहाड़! पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Bihar Fake Notes: बिहार में नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। औरंगाबाद जिले के मदनपुर में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 2.48 लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक भी शामिल है। इस गिरफ्तारी के बाद ‘बिहार फेक नोट्स’ के पूरे नेटवर्क की तलाश तेज हो गई है।
नकली नोटों का बड़ा जखीरा बरामद
पुलिस को शुक्रवार रात मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। मदनपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान दो आरोपितों को पकड़ा गया। इनके पास से कुल 2 लाख 48 हजार रुपये के जाली नोट मिले। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपितों ने नकली नोटों के इस धंधे में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। बरामद हुए नोटों में 500 रुपये के 297 नकली नोट शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 1,48,500 रुपये है।
शिक्षक की संलिप्तता और पुलिस की जांच
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मदनपुर थाना क्षेत्र के बाबुबांध गांव का निवासी सुरेंद्र कुमार भी शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि सुरेंद्र गयाजी के गुरुआ थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय हबीबपुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने सुरेंद्र कुमार के पास से 1,48,500 रुपये के जाली नोट जब्त किए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस पूरे नकली नोटों के नेटवर्क को खंगाल रही है, ताकि इसके पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके और क्षेत्र में फैल रहे जाली नोटों के खतरे को खत्म किया जा सके।
इस गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि नकली नोटों का धंधा समाज के विभिन्न तबकों तक अपनी पैठ बना चुका है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे और इसमें शामिल सभी अपराधियों को कानून के कटघरे में खड़ा करेंगे।
गया के सरकारी शिक्षक के पास मिले लाखों के नकली नोट
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मदनपुर थाना क्षेत्र के बाबुबांध गांव का निवासी सुरेंद्र कुमार भी शामिल है। सुरेंद्र कुमार के बारे में बताया गया है कि वह गयाजी के गुरुआ थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय हबीबपुर में बतौर शिक्षक कार्यरत है। एक शिक्षक का ऐसे गंभीर अपराध में शामिल होना समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है।
पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र कुमार के पास से 500 रुपये के कुल 297 नकली नोट जब्त किए गए हैं। इन जाली नोटों की कुल कीमत 1,48,500 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी नोटों को जब्त कर लिया है और आरोपी शिक्षक से इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
इस मामले में पुलिस अब जाली नोटों के पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। पुलिस का मानना है कि यह केवल दो लोगों का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है ताकि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके और आम जनता को नकली नोटों के खतरे से बचाया जा सके। इस गिरफ्तारी से बिहार में नकली नोटों के कारोबार पर लगाम कसने की उम्मीद जगी है।








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