Chirag Paswan: बिहार की राजनीति में इन दिनों ‘बौद्धिक नक्सली’ शब्द पर गरमागरम बहस छिड़ी है, जिस पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे तत्व अभी भी मौजूद हैं, जो समाज में अस्थिरता और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री के इस आह्वान को महत्वपूर्ण बताया, जिसमें लोगों से ऐसे तत्वों से सावधान रहने की अपील की गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से अपने संबोधन में ‘बौद्धिक नक्सली’ शब्द का प्रयोग किया था। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि भले ही देश से भौतिक नक्सलवाद समाप्त हो गया हो, लेकिन ऐसे तत्व अभी भी सक्रिय हैं, जो समाज में अशांति और अराजकता फैलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की इस बात से सहमति जताई कि ऐसे लोगों से देशवासियों को सतर्क रहना चाहिए।
विकास विरोधी सोच पर चिराग पासवान का हमला
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को सामने रखते हुए इस शब्द का इस्तेमाल किया था। उनके अनुसार, ‘बौद्धिक नक्सली’ वे लोग हैं जो विकास की सोच का समर्थन नहीं करते और किसी न किसी रूप में समाज में अस्थिरता पैदा करने की फिराक में रहते हैं। चिराग ने जोर देकर कहा कि भारत ने नक्सलवाद के खिलाफ एक लंबी और कठिन लड़ाई लड़ी है, और अब प्रधानमंत्री ने एक नई प्रकार की चुनौती की ओर इशारा किया है।
चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री के भाषण को केवल स्वतंत्रता दिवस के औपचारिक संबोधन तक ही सीमित नहीं माना। उन्होंने इसे 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के बड़े संकल्प से जोड़कर देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं, तकनीक, शिक्षा और ऊर्जा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया।
विकसित भारत का लक्ष्य और मोदी सरकार के 12 साल
प्रधानमंत्री ने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग देने की घोषणा की। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रदान करने की बात भी कही। सरकार का मानना है कि ये कदम युवाओं को नई तकनीकी क्षमताओं से लैस करेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आर्थिक बोझ कम करेंगे।
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर उत्पादन, परमाणु ऊर्जा और सिविल डिफेंस से जुड़े लक्ष्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने इन क्षेत्रों को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस दौरान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कामकाज की भी सराहना की। उन्होंने कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुए बदलावों को रेखांकित किया। चिराग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन क्षेत्रों में काम की गति और गुणवत्ता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में हुए विकास कार्यों की तुलना पिछले 70 वर्षों के कार्यों से की जा सकती है, जिससे स्पष्ट अंतर दिखाई देगा। चिराग ने भारत को प्रगति की राह पर तेजी से आगे बढ़ाने का श्रेय वर्तमान सरकार को दिया।
चिराग पासवान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में प्रधानमंत्री के ‘बौद्धिक नक्सली’ वाले बयान पर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और भविष्य में इस पर और चर्चा देखने को मिल सकती है।







