Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। डड़िया मुरियारो पंचायत की पूर्व मुखिया मंजू देवी (68) की कुएं में गिरने से मौत हो गई है। रोज की तरह सुबह पूजा के लिए फूल तोड़ने घर से निकलीं मंजू देवी जब काफी देर तक वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की।
घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक गहरे कुएं के पास उनकी छड़ी और चप्पल मिलने के बाद ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। तत्काल खोजबीन शुरू की गई तो कुएं के भीतर उनका शव मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
हृदय विदारक: पूजा के लिए घर से निकलीं पूर्व मुखिया, कुएं में मिला शव; समस्तीपुर में शोक की लहर
Bihar Accident: समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। डड़िया मुरियारो पंचायत की पूर्व मुखिया मंजू देवी (68) का शव एक गहरे कुएं में मिला है। रोज की तरह पूजा के लिए फूल तोड़ने घर से निकलीं मंजू देवी वापस नहीं लौटीं, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई। इस बिहार दुर्घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है।
फूल तोड़ने निकलीं पूर्व मुखिया, कुएं के पास मिली छड़ी और चप्पल
ग्रामीणों के अनुसार, मंजू देवी प्रतिदिन सुबह पूजा के लिए फूल तोड़ने जाती थीं। घर से कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं के पास पहुंचने के बाद वह अचानक उसमें गिर गईं। कुएं की गहराई काफी अधिक बताई जा रही है। जब काफी देर तक वह घर नहीं लौटीं, तो परिजनों और आसपास के लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान ही कुएं के पास उनकी छड़ी और चप्पल दिखाई दीं, जिससे ग्रामीणों को उनके कुएं में गिरने की आशंका हुई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व मुखिया मंजू देवी के कुएं में गिरने की आशंका के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। कुएं की अत्यधिक गहराई और अंदर की चुनौतीपूर्ण स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने ऑक्सीजन मास्क की मदद ली। काफी मशक्कत के बाद, लोगों ने कुएं में उतरकर मंजू देवी के शव को बाहर निकाला।
गहरा कुआं बना जानलेवा, पंचायत क्षेत्र में शोक की लहर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस कुएं में मंजू देवी गिरी थीं, उसमें पानी नहीं था। हालांकि, कुआं इतना गहरा था कि नीचे गिरने से उनकी जान चली गई। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि नीचे गिरने के बाद दम घुटने से उनकी मौत हुई होगी। हालांकि, मृत्यु की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। शव के कुएं से बाहर निकलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
मंजू देवी डड़िया मुरियारो पंचायत की एक जानी-मानी हस्ती थीं। उन्होंने वर्ष 2006 से लेकर 2016 तक, लगभग दस वर्षों तक पंचायत की कमान संभाली थी। लंबे समय तक स्थानीय राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी और लोग उनका काफी सम्मान करते थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे पंचायत क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। समर्थक और ग्रामीण उनके घर पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और इस क्षति को अपूरणीय बता रहे हैं।
हादसे की परिस्थितियों की होगी जांच
इस दुखद समस्तीपुर समाचार के बाद, यह सवाल उठ रहा है कि पूर्व मुखिया मंजू देवी कुएं में कैसे गिरीं। कुएं के पास उनकी छड़ी और चप्पल का मिलना उनके गिरने की ओर स्पष्ट संकेत देता है, लेकिन हादसे की पूरी परिस्थितियों की गहन जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की पड़ताल जारी है।
गहरे कुएं से ऑक्सीजन मास्क की मदद से निकाला गया शव
जैसे ही मंजू देवी के कुएं में गिरने की खबर फैली, घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कुएं की अत्यधिक गहराई को देखते हुए बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण था। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ऑक्सीजन मास्क की मदद से कुएं में उतरने का फैसला किया। काफी मशक्कत के बाद पूर्व मुखिया मंजू देवी के शव को कुएं से बाहर निकाला जा सका।
ग्रामीणों के अनुसार, कुएं में पानी नहीं था, लेकिन इसकी गहराई जानलेवा साबित हुई। आशंका जताई जा रही है कि नीचे गिरने के बाद दम घुटने से उनकी मौत हुई होगी। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
पंचायत में शोक की लहर, 10 साल तक संभाली थी कमान
शव बाहर आते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। मंजू देवी के निधन की खबर मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया और पूरे डड़िया मुरियारो पंचायत में शोक की लहर दौड़ गई है। समर्थक और ग्रामीण उनके घर पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
मंजू देवी डड़िया मुरियारो पंचायत की एक जानी-मानी हस्ती थीं। उन्होंने 2006 से 2016 तक, पूरे दस वर्षों के लिए पंचायत की मुखिया के रूप में कार्य किया था। पंचायत की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें क्षेत्र में एक सम्मानित पहचान दिलाई थी। उनके निधन को क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंजू देवी का निधन पंचायत के लिए एक बड़ी क्षति है। वह हमेशा लोगों के सुख-दुख में खड़ी रहती थीं और उनके कार्यकाल में कई विकास कार्य हुए थे।
हादसे की परिस्थितियों की हो रही जांच
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि मौत की वास्तविक वजह और हादसे की परिस्थितियों का पता चल सके। कुएं के पास उनकी छड़ी और चप्पल का मिलना उनके गिरने की ओर संकेत करता है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।







