Bihar Election Commission: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को बिहार का दो दिवसीय दौरा शुरू किया, जिसका मुख्य उद्देश्य बूथ स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को समझना और उसे और अधिक सुगम बनाना है। पटना पहुंचने पर जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यह दौरा राज्य में आगामी चुनावों की तैयारियों और जमीनी हकीकत को परखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार में चुनाव आयुक्त का बड़ा दांव! Gen Z वोटर्स को साधने पहुंचे ज्ञानेश कुमार, लाखों युवाओं को मिलेगा सीधा फायदा
Bihar Election Commissioner: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे पर बिहार की राजधानी पटना पहुंचे हैं। पटना पहुंचने के साथ ही उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने इस दौरान कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देशभर में सबसे सफल आयोजन बिहार से ही शुरू हुआ था।
ज्ञानेश कुमार ने यह भी बताया कि 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव का मतदान प्रतिशत न केवल आजादी के बाद से अब तक बिहार में सर्वाधिक रहा, बल्कि यह अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान और स्पेन जैसे देशों के आम चुनाव से भी अधिक था। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बिहार में चुनावी साक्षरता को बढ़ावा देना और युवाओं को मतदान के लिए जागरूक करना है।
युवा मतदाताओं से संवाद और ELC 2.0 की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 17 अगस्त को ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC 2.0)’ की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ 17 अगस्त को होगा। इस पहल के तहत, ज्ञानेश कुमार बिहार के कई जिलों का दौरा भी करेंगे। विशेष रूप से, वे राज्य के ‘Gen Z’ वोटर्स से सीधा संवाद करेंगे। उनका प्रयास है कि चुनाव में विद्यार्थियों की भागीदारी अधिक से अधिक हो, जिसके लिए वे उन्हें प्रेरित करेंगे।
इन जिलों का करेंगे दौरा
अपने दौरे के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त आज सीतामढ़ी, वैशाली और मधुबनी जाएंगे। इन जिलों में वे बूथ लेवल के अधिकारियों (बीएलओ) से बातचीत करेंगे। ज्ञानेश कुमार का यह कदम चुनावी प्रक्रिया की जमीनी हकीकत को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान बीएलओ अपने अनुभव साझा करेंगे, फील्ड में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करेंगे, और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव देंगे।
ज्ञान भवन में होगा विशाल सम्मेलन
17 अगस्त को पटना के ज्ञान भवन में निर्वाचन साक्षरता क्लब 2.0 (ELC 2.0) और ECINET को लेकर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन की सबसे खास बात इसकी व्यापक भागीदारी होगी। बिहार के 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों से हजारों विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे। इनमें बड़ी संख्या उन युवाओं की होगी, जो पहली बार मतदान करने जा रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देशभर में सबसे सफल आयोजन बिहार से ही शुरू हुआ था। 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव का मतदान प्रतिशत न केवल आजादी से अब तक बिहार में सर्वाधिक रहा बल्कि अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, स्पेन के आम चुनाव से भी ज्यादा मतदान प्रतिशत रहा।’
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक, विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों और विद्यालयों के प्राचार्य, और विभिन्न संस्थानों के प्रमुख भी हिस्सा लेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस दौरे से न केवल जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल होगी, जिससे बिहार में लोकतांत्रिक भागीदारी और मजबूत होगी।
ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय बिहार दौरा
अपने दौरे के पहले दिन, ज्ञानेश कुमार ने सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली जिलों का दौरा किया। इन स्थानों पर उन्होंने जिला निर्वाचन तंत्र के अधिकारियों के साथ गहन संवाद किया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया से जुड़े स्थानीय अनुभवों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्थलों का भी अवलोकन किया, जिससे राज्य की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिला।
बूथ स्तर पर जमीनी स्थिति की पड़ताल
सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यक्रम नालंदा जिले में केंद्रित रहेगा। यहां वे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ सीधे बातचीत करेंगे। बीएलओ मतदाताओं और निर्वाचन तंत्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं, और उनके अनुभवों को सीधे सुनना चुनाव प्रक्रिया की जमीनी स्थिति को समझने का एक अहम माध्यम है। इस दौरान मतदाताओं तक चुनावी जानकारी पहुंचाने और निर्वाचन प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
युवा भागीदारी और डिजिटल जागरूकता पर जोर
ज्ञानेश कुमार के दौरे का एक प्रमुख विषय युवाओं की लोकतांत्रिक सहभागिता बढ़ाना भी है। डिजिटल युग में चुनावी जागरूकता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, ऐसे में डिजिटल जागरूकता और निर्वाचन साक्षरता पर भी विशेष चर्चा प्रस्तावित है। इसका लक्ष्य मतदाताओं, विशेषकर युवाओं को चुनाव प्रक्रिया, उनके अधिकारों और लोकतांत्रिक भागीदारी के महत्व के प्रति अधिक जागरूक करना है। पटना और नालंदा में निर्वाचन आयोग की विभिन्न पहलों, नवाचारों और महत्वपूर्ण उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली विशेष प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी, जो चुनाव व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों को उजागर करेंगी।
इस दौरे से प्राप्त सुझावों और अनुभवों के आधार पर निर्वाचन आयोग भविष्य की चुनावी रणनीतियों और सुधारों को अंतिम रूप देगा, जिससे बिहार में चुनाव प्रक्रिया और भी निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी बन सके।







