Bihar Rural Development: ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार में ग्रामीण हाट बाजारों के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि राज्य में 725 स्थानों पर ग्रामीण हाट बाजारों के निर्माण के लिए चिह्नित भूमि से संबंधित प्रस्तावों को जल्द से जल्द आगे बढ़ाया जाए। यह निर्देश राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए।
ग्रामीण हाट बाजारों के तीन मॉडल
प्रस्तावित ग्रामीण बाजार भूमि की उपलब्धता के आधार पर तीन अलग-अलग मॉडल पर आधारित होंगे। ये बाजार 20 डिसमिल, 50 डिसमिल या एक एकड़ भूमि पर बनाए जाएंगे। 20 डिसमिल से बड़े बाजारों के लिए अररिया, बांका, भागलपुर, कटिहार, मधेपुरा, सुपौल और समस्तीपुर जैसे सात जिलों से पहले ही प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मंत्री ने शेष जिलों से भी तुरंत प्रस्ताव तैयार कर नाबार्ड को भेजने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने प्रत्येक ग्रामीण बाजार के लिए अधिकतम 40 लाख रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया है। हालांकि, इस फंडिंग सीमा को बढ़ाने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है।

जीविका दीदियों और ग्रामीण उत्पादकों को सीधा लाभ
ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, इन बाजारों से स्वयं सहायता समूहों, विशेष रूप से जीविका दीदियों, को अपने उत्पादों को सीधे ग्रामीण बाजारों तक पहुंचाने और बेचने में आसानी होगी। प्रस्तावित बाजार स्थलों पर जीविका दीदियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल से स्थानीय बाजार तक पहुंच मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने कहा कि संस्था बिहार में ग्रामीण विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लगातार सहयोग देती रहेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नाबार्ड राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत सहायता प्रदान करेगा।
बैठक में नाबार्ड समर्थित जारी और प्रस्तावित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने नए हस्तक्षेप के संभावित क्षेत्रों और राज्य सरकार तथा नाबार्ड के बीच समन्वय के माध्यम से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास में तेजी लाने के तरीकों पर चर्चा की। इस पहल से ग्रामीण उत्पादकों को सशक्त बनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है।







