Bihar Politics: जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बिहार की राजनीति में गरमाई बहस के बीच तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सिवान में सामने आए AK-47 मामले में बिहार सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि सरकार ने तत्काल कदम उठाए और जो भी कार्रवाई संभव थी, वह की गई। संजय झा ने तेजस्वी यादव को ‘पार्ट टाइम पॉलिटिशियन’ करार दिया और उन पर मुद्दों से दूरी बनाने का आरोप लगाया।
सिवान AK-47 मामला और सरकार का त्वरित एक्शन
संजय झा ने सिवान में हुई घटना के संदर्भ में बिहार सरकार की तत्परता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में तुरंत कार्रवाई की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों के स्तर पर एक्शन और निलंबन भी शामिल है। जदयू नेता ने कहा कि सरकार ने घटना के बाद उपलब्ध विकल्पों के आधार पर तुरंत कदम उठाए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि ऐसी किसी भी घटना के बाद सरकार की ओर से जो भी संभव कार्रवाई होती है, उसे किया जाता है।

छात्रों के मुद्दे और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान
छात्रों से जुड़े मामलों पर भी संजय झा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान का हवाला दिया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा है कि छात्रों के ऊपर दर्ज मामलों को खत्म किया जाना चाहिए। इससे आंदोलन से जुड़े छात्रों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। संजय झा ने छात्र आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया और कहा कि अगर छात्रों के सामने कोई समस्या है तो वे अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार उनकी समस्याओं को सुनेगी और समाधान की दिशा में सक्रिय कदम उठाएगी।
तेजस्वी यादव पर संजय झा का तीखा हमला
संजय झा ने तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे पार्ट टाइम राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि जब यह मुद्दा देशभर में उठा था, तब तेजस्वी यादव विदेश में थे और उन्हें इन मुद्दों से उस समय कोई लेना-देना नहीं था। झा ने सवाल उठाया कि जब समस्या को सुना जा चुका है और आंदोलन खत्म हो चुका है तो अब दोबारा आंदोलन क्यों किया जा रहा है?
संजय झा ने यह भी दावा किया कि तेजस्वी यादव की पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), में भी स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब उनके नियंत्रण में नहीं रही है और तेजस्वी को अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। जदयू नेता ने बिहार में हुई बंपर बहालियों का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया कि जितनी बहाली बिहार में हुई है, उतनी किसी दूसरे राज्य में नहीं हुई है, जो सरकार की रोजगार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आगे की राह: राजनीतिक तकरार और सरकार का रुख
संजय झा के इन बयानों से बिहार की राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर सरकार अपनी कार्रवाई और नीतियों का बचाव कर रही है, वहीं विपक्ष पर ‘पार्ट टाइम राजनीति’ का आरोप लगाया जा रहा है। आने वाले समय में छात्र मुद्दों और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों पर यह तकरार और तेज होने की संभावना है, जिस पर सरकार और विपक्ष दोनों की नजर रहेगी।







