Bihar Student Protest: दिल्ली और झारखंड के रांची में छात्रों के सफल विरोध प्रदर्शनों के बाद अब बिहार में भी सरकारी नौकरियों और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है. आज से राजधानी पटना के गर्दनीबाग में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी एकजुट होकर ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ के तहत अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे. इस आंदोलन को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का भी खुला समर्थन मिल गया है.

बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में यह महाआंदोलन चलेगा. छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह धरना जारी रहेगा और इसे और तेज किया जाएगा. यह बिहार स्टूडेंट प्रोटेस्ट सरकारी व्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है.
छात्रों की ये हैं प्रमुख मांगें, शिक्षा मंत्री पर भी साधा निशाना
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगों में बीपीएससी टीआरई-4 का नोटिफिकेशन तत्काल जारी करना, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का इस्तीफा, बीएसएससी परीक्षा की तारीखों की घोषणा, लाइब्रेरियन बहाली, बीईटी, दारोगा, सिपाही और बीएसएससी सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना शामिल है. इसके साथ ही, छात्र बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा के पैटर्न में बदलाव का भी विरोध कर रहे हैं.
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, ‘सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से बीपीएससी टीआरई-4 भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने के लिए सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया. नोटिफिकेशन जारी होने में देरी से अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी है.’
छात्रों का कहना है कि पहले बीपीएससी टीआरई में सिर्फ पीटी की परीक्षा होती थी, लेकिन अब मेंस भी देना पड़ेगा. उनकी मांग है कि नए पैटर्न से परीक्षा की शुरुआत बीपीएससी टीआरई-5 से की जानी चाहिए, न कि मौजूदा टीआरई-4 से.
राजद ने भी दिया छात्रों को समर्थन, लालू-तेजस्वी ने की एकजुटता की अपील
छात्रों के इस आंदोलन को राजद का पूरा समर्थन मिल रहा है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने 19 अगस्त को अभ्यर्थियों से एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने एक्स पर लिखा:
‘समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी से त्रस्त है. लूट तंत्र से बनी दंभी सरकार उनकी लोकतांत्रिक मांगों को सुनने की बजाय AK-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है. इस तानाशाही के विरुद्ध सभी 19 अगस्त को पटना में एकजुट हो.’
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी 19 अगस्त को पटना में मार्च निकालने की बात कही थी. उन्होंने बताया था कि राजद का यह मार्च वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी मुख्यालय से लोकभवन तक जाएगा. तेजस्वी यादव ने साफ किया कि इस मार्च में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने चेताया कि बिहार को ‘पुलिसिया स्टेट’ नहीं बनने दिया जाएगा.
आगे क्या होगा? सरकार पर बढ़ा दबाव
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी समर्थकों और झारखंड के रांची में छात्रों के अनशन के बाद दोनों ही जगहों पर सरकार को छात्रों की बातें माननी पड़ी थीं. ऐसे में, अब बिहार में शुरू हो रहा यह महाआंदोलन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. देखना होगा कि छात्रों की मांगों और राजनीतिक समर्थन के बढ़ते दबाव के बीच सरकार क्या कदम उठाती है और कब तक इन मुद्दों का समाधान होता है.








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