Bhagalpur Bridge: बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड स्थित हरिनकोल पंचायत के दिलौरी गांव में एक पुल का निर्माण कार्य पिछले पांच माह से अधूरा पड़ा है। RCD रोड से चंद्रशेखर यादव के घर तक बनने वाले इस 0.700 किलोमीटर लंबे पुल के निर्माण में हो रही देरी से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। आगामी बाढ़ के मौसम को देखते हुए गांव वालों की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि अधूरा पुल उनके लिए बड़ा खतरा बन गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एनडीबी राज्य योजना के तहत बन रहे इस पुल को ठेकेदार जानबूझकर लटका रहा है। दो-तीन दिन काम करने के बाद कई दिनों तक निर्माण रोक दिया जाता है, जिससे काम की गति बहुत धीमी है। अब तक केवल दीवारें और पिलर ही खड़े हो पाए हैं, और यह अधूरा ढांचा बच्चों के लिए खेल का मैदान बन गया है, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।

बाढ़ से पहले पूरा नहीं हुआ काम तो कटेगा संपर्क
दिलौरी गांव के ग्रामीणों को सबसे ज्यादा डर बाढ़ का सता रहा है। वकील मंडल, भगवान मंडल, शारदा देवी और शुक्री मंडल जैसे गांव के लोगों ने बताया कि यदि बाढ़ आने से पहले पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो पूरे दिलौरी गांव का सड़क संपर्क टूट जाएगा। बाढ़ के दौरान गांव से बाहर निकलना नामुमकिन हो जाएगा, जिससे आपातकालीन स्थितियों में भारी परेशानी होगी।
बाढ़ आने से पहले यदि पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो पूरे दिलौरी गांव का सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है। बाढ़ की स्थिति में गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।
– ग्रामीण वकील मंडल, भगवान मंडल, शारदा देवी और शुक्री मंडल
ग्रामीणों का कहना है कि अगर ठेकेदार लगातार मजदूर लगाकर काम कराए, तो यह पुल लगभग एक महीने में बनकर तैयार हो सकता है। इसके बावजूद पांच माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने में हो रही परेशानी
अधूरे भागलपुर ब्रिज के कारण वर्तमान में भी आवागमन बाधित है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और बाजार जाने वाले लोगों को पुल निर्माण स्थल से होकर गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या खासकर दैनिक जीवन और आपातकालीन सेवाओं पर सीधा असर डाल रही है।
पंचायत के मुखिया दीपक सिंह ने इस मामले पर अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें पुल निर्माण की जानकारी नहीं है, लेकिन अगर ठेकेदार या एजेंसी लापरवाही कर रही है, तो वह सरकार से बाढ़ आने से पहले पुल का निर्माण पूरा करने की मांग करते हैं। ग्रामीणों ने भी संबंधित विभाग और प्रशासन से गुहार लगाई है कि निर्माण कार्य की निगरानी की जाए और ठेकेदार को नियमित रूप से काम करने का निर्देश दिया जाए, ताकि बाढ़ से पहले पुल बनकर तैयार हो जाए और लोगों को राहत मिल सके।







