Bihar Census: भारत की अगली जनगणना 2027 के महत्वपूर्ण कार्य को निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल ने एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया है कि जनगणना का काम बेहद आवश्यक, कानूनी और राष्ट्रीय महत्व की जिम्मेदारी है। इसे समय पर और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न करना अनिवार्य है।
जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों के तबादले पर रोक
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। जिलाधिकारी को प्रधान जिला जनगणना अधिकारी बनाया गया है, जबकि जिला सांख्यिकी अधिकारी अपर जिला जनगणना अधिकारी होंगे। इसके साथ ही, प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और अंचलाधिकारी (सीओ) को चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य कर्मियों को भी जनगणना कार्य के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जनगणना काम में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला बिना सक्षम अनुमति के नहीं किया जाएगा। बिहार सरकार और भारत सरकार के निर्देशों के तहत काम को बिना रुकावट, बेहतर गुणवत्ता और सही ढंग से पूरा करने के लिए सभी तैनात कर्मियों को 31 मार्च 2027 तक उनके वर्तमान पद पर ही बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
विभाग के संज्ञान में यह बात आई थी कि सामान्य तबादला प्रक्रिया के दौरान जनगणना कार्य से जुड़े चार्ज अधिकारियों, कोषांग के कर्मियों और प्रशिक्षित प्रगणकों व पर्यवेक्षकों का भी तबादला किया जा रहा था। ऐसे में, इस संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसे सुनिश्चित करने के लिए 31 मार्च 2027 तक ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय जनगणना के महत्वपूर्ण आंकड़ों को सटीकता और समयबद्धता के साथ संकलित करने में मदद करेगा।







