सतीश चंद्र झा, दरभंगा। Bihar – Darbhanga Robbery Protest: बिहार के बिहार के बहेड़ा थाना क्षेत्र में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं और पुलिस की कथित उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। नवादा पंचवटी चौक पर सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम कर वर्तमान मुखिया के दो बेटों निशु यादव और रिशु यादव की गिरफ्तारी की मांग की। इन दोनों पर तीन दिन पहले घोंधिया में राहजनी और 15 अगस्त की रात शिवाजी झा के साथ लूटपाट व मारपीट का आरोप है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर और बांस-बल्ला लगाकर यातायात पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिससे आवागमन ठप हो गया।
पुलिस की उदासीनता से भड़के ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि 15 अगस्त की रात शिवाजी झा के साथ हुई लूटपाट और मारपीट के मामले में निशु यादव और रिशु यादव के खिलाफ बहेड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों ने कहा कि पुलिस की इस उदासीनता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और क्षेत्र में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
एक ग्रामीण ने बताया, “कुछ माह पहले भी इन्हीं लोगों द्वारा दुर्गा मंदिर परिसर में बाहर से आए श्रद्धालुओं के साथ मारपीट और छिनतई की घटना को अंजाम दिया गया था। बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद पुलिस चुपचाप बैठी है।” ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुखिया के बेटों के खिलाफ कार्रवाई न होने से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सड़क पर टायर जलाकर गिरफ्तारी की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर घंटों प्रदर्शन किया। उनकी प्रमुख मांगें थीं कि नामजद आरोपित निशु यादव और रिशु यादव को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और दुर्गा मंदिर परिसर सहित पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका। ग्रामीणों ने कहा कि अगर पुलिस अपने आश्वासन पर खरी नहीं उतरी, तो वे फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह आश्वासन मिलने के बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए और उन्होंने सड़क खाली कर दी। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक इन आरोपों पर कार्रवाई कर पाती है।







